








महिलाओं की चेन पर डाका डालने वाला एक शातिर गिरफ्तार, दूसरा भागा जंगल में !
मुखानी–रामनगर में सिलसिलेवार वारदातों का खुलासा, आरोपी पर 10 संगीन मुकदमे दर्ज!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता | हल्द्वानी।
मुखानी, हल्द्वानी और रामनगर क्षेत्र में महिलाओं से मंगलसूत्र झपटने की लगातार हो रही घटनाओं का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक शातिर बदमाश को दबोच लिया, जिसके कब्जे से चोरी के दो पेंडल बरामद किए गए हैं। वारदात में शामिल उसका साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पकड़े गए आरोपी की पहचान फिरोज गांधी (36) पुत्र नंदराम निवासी पदमपुर थाना मिलकखाना, तहसील स्वार, जिला रामपुर (यूपी) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल 10 संगीन मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने बुधवार को बहुद्देशीय भवन में प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी और 4 फरवरी को मुखानी क्षेत्र में दो महिलाओं से दुकान पर सामान खरीदने और पता पूछने के बहाने मंगलसूत्र झपटे गए थे। वहीं 6 फरवरी को रामनगर के पीरूमदारा क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात हुई। तीनों मामलों में संबंधित थानों में बीएनएस की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण में सीओ हल्द्वानी अमित सैनी तथा थानाध्यक्ष मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्ध बाइक नंबर HR 29 AF 2325 चिन्हित किया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने कालाढूंगी रोड पर घेराबंदी कर बाइक सवारों को रोका। चालक फिरोज गांधी को मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि पीछे बैठा उसका साथी भाखड़ा के जंगल की ओर फरार हो गया। आरोपी ने पूछताछ में तीनों चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार वह फिर से वारदात करने हल्द्वानी आ रहा था।
एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं में शामिल अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में मुखानी पुलिस, एसओजी और सीसीटीवी सेल की संयुक्त टीम शामिल रही।
