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स्वरोजगार योजना से बदली तकदीर, महेंद्र बिष्ट बने आत्मनिर्भर उत्तराखंड की प्रेरक पहचान/
मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय से खुद भी बने रोजगारदाता, दो युवाओं को दिया काम!
दर्पण न्यूज 24/7 नैनीताल/धारी!
संघर्ष, संकल्प और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरे हैं नैनीताल जनपद के धारी विकासखंड निवासी महेंद्र सिंह बिष्ट, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
वर्ष 2022 में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत महेंद्र बिष्ट ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की भटेलिया शाखा से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय की शुरुआत की। आर्थिक चुनौतियों के बीच शुरू हुआ यह छोटा प्रयास आज सफल उद्यम में बदल चुका है।
जिला उद्योग केंद्र हल्द्वानी के मार्गदर्शन और बैंकिंग सहयोग से स्थापित उनकी मोबाइल रिपेयरिंग दुकान अब क्षेत्र के लोगों के लिए भरोसेमंद सेवा केंद्र बन गई है। व्यवसाय के विस्तार के साथ महेंद्र बिष्ट न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बने, बल्कि दो अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
वर्तमान में उनके व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर लगभग 4 लाख रुपये तक पहुंच चुका है तथा उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय प्राप्त हो रही है।
महेंद्र बिष्ट की सफलता यह दर्शाती है कि यदि युवा सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं और मेहनत को अपना आधार बनाएं तो स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण संभव है।
राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वरोजगार को बढ़ावा देने, पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
आज महेंद्र बिष्ट अपने गांव ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। उनकी सफलता आत्मनिर्भर उत्तराखंड की उस नई तस्वीर को सामने लाती है, जहां सरकारी सहयोग और युवा संकल्प मिलकर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं।

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