ईरान के तेल संयंत्रों पर हमलों के बाद ‘काली बारिश, जहरीले धुएं से लोगों में दहशत!
कई इलाकों में काले धुएं के गुबार, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत!
राख के कण मानव बाल से 40 गुना छोटे, कैंसर और गंभीर बीमारियों का खतरा!
दर्पण न्यूज 24/7 | अंतरराष्ट्रीय डेस्क
दुबई/तेहरान। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के तेल भंडारों व रिफाइनरियों पर किए गए हवाई हमलों के बाद उठे जहरीले धुएं ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। हमलों के बाद ईरान के कई इलाकों, खासकर तेहरान के आसपास, “काली बारिश” होने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक तेल डिपो और एक रिफाइनरी में आग लगने से आसमान में भारी मात्रा में जहरीला धुआं फैल गया, जो बादलों के साथ मिलकर बारिश के रूप में धरती पर गिरा। इस दौरान कई जगहों पर काले धुएं के गुबार दिखाई दिए और लोगों ने आंखों में जलन तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की।
विशेषज्ञों के अनुसार इस काली बारिश में मौजूद राख और रसायनों के कण बेहद सूक्ष्म होते हैं, जो मानव बाल की चौड़ाई से लगभग 40 गुना छोटे होते हैं। ये कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे श्वसन और हृदय संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की बारिश आमतौर पर तेल रिफाइनरियों में आग, जंगल की आग, ज्वालामुखी विस्फोट या भारी औद्योगिक प्रदूषण के बाद होती है। बारिश भले ही वायुमंडल को कुछ हद तक साफ कर देती है, लेकिन इसके संपर्क में आने वाले लोगों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और ईरान के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह बारिश अत्यधिक अम्लीय हो सकती है, जिससे त्वचा और फेफड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
उधर क्षेत्र में जारी युद्ध के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के ठिकानों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले शुरू कर दिए। इस संघर्ष के कारण वैश्विक विमानन सेवाएं प्रभावित हुई हैं, तेल निर्यात बाधित हुआ है और दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
वहीं बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने नागरिकों को संभावित मिसाइल हमलों को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह संघर्ष जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में चिंता का माहौल बना हुआ है।
