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पैराशूट प्रत्याशियों पर भीमताल में कांग्रेसियों का आक्रोश, बोले– बाहरी को टिकट मिला तो होगा विरोध!
2027 विधानसभा चुनाव से पहले भीमताल सीट पर बढ़ी सियासी हलचल, स्थानीय नेताओं ने हाईकमान को दी चेतावनी!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता
हल्द्वानी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भीमताल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि इस बार भी पार्टी ने किसी बाहरी या “पैराशूट प्रत्याशी” को टिकट दिया तो इसका खुला विरोध किया जाएगा और इससे पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सोमवार को नैनीताल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में भीमताल क्षेत्र के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पार्टी हाईकमान को स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावना से अवगत कराया। प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता केदार पलड़िया और राजेश बृजवासी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जो संगठन के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में भी पार्टी ने बाहरी नेताओं को टिकट दिया, जिसका परिणाम हार के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनसमर्थन के बावजूद जब बाहरी चेहरों को उम्मीदवार बनाया जाता है तो संगठन में निराशा और असंतोष पैदा होता है। इसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ता है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता केदार पलड़िया ने कहा कि यदि इस बार क्षेत्र से जुड़े, लोकप्रिय और जमीनी नेता को टिकट दिया गया तो कांग्रेस 2027 में भीमताल सीट पर बड़े अंतर से जीत दर्ज कर सकती है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से स्थानीय परिस्थितियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
प्रेस वार्ता में मौजूद नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि फिर से किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया तो क्षेत्र के मूल कांग्रेसी कार्यकर्ता इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उनका कहना था कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का मजबूत जनाधार है, लेकिन सही प्रत्याशी का चयन न होने से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नेताओं ने पार्टी हाईकमान से मांग की कि चुनाव से पहले स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए टिकट वितरण किया जाए, ताकि किसी प्रकार की नाराजगी या असंतोष की स्थिति पैदा न हो।
नेताओं का कहना था कि पैराशूट प्रत्याशियों को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है और यह मुद्दा समय रहते हल नहीं किया गया तो इसका सीधा असर पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

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