नई तकनीक अपनाने से ही बदलेगी खेती की तस्वीर : कोश्यारी!
पुरस्कार वितरण के साथ 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का भव्य समापन!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
पंतनगर। चार दिवसीय 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का समापन गांधी हाल में आयोजित भव्य समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसान मेलों के माध्यम से किसानों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को एक ही मंच पर सीखने और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है। उन्होंने किसानों से नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए प्रेरणा और नई तकनीकों का स्रोत भी है। यहां से किसान आधुनिक खेती के ज्ञान के साथ अपने गांवों में बदलाव की नई शुरुआत करते हैं। राष्ट्र की प्रगति में किसान और वैज्ञानिक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी एक ऊर्जावान और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी हैं और उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय किसानों तक नई तकनीक और उन्नत फसल किस्मों की जानकारी पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
कुलपति ने बताया कि इस वर्ष किसान मेले में विभिन्न कंपनियों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों के करीब 416 स्टॉल लगाए गए। मेले में 21,500 से अधिक पंजीकृत और अपंजीकृत किसान तथा विद्यार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी हासिल की।
मेले के दौरान 13–14 मार्च को आयोजित उद्यान प्रदर्शनी में गमले में लगे पौधों, कटे फूलों, फल-सब्जियों और प्रसंस्करित उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें 66 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 63 प्रतिभागियों को विभिन्न वर्गों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था को प्रथम तथा उत्तराखंड सैनिक फार्म को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मोटे अनाजों और घरेलू उत्पादों के निर्माण के लिए भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान महाविद्यालय के विद्यार्थियों को मॉडल के माध्यम से नवाचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया गया। समारोह के अंत में निदेशक शोध एस.के. वर्मा ने सभी अतिथियों, किसानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
