बिंदुखत्ता आत्महत्या कांड: नशा नेटवर्क पर चुप्पी, आबकारी की अकर्मण्यता पर फूटा गुस्सा!
वायरल वीडियो के बाद व्यक्ति की मौत से भड़का जनाक्रोश, अवैध शराब व मादक पदार्थों की होम डिलीवरी पर उठे गंभीर सवाल!
अवैध शराब, स्मैक और चरस की होम डिलीवरी के आरोप
आबकारी विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन की चेतावनी।
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं।
बिंदुखत्ता के शास्त्री नगर क्षेत्र में आत्महत्या के एक संवेदनशील मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कथित शराब तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सामाजिक अपमान और मानसिक दबाव के चलते उसने जहर खाकर आत्महत्या की।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध नशा कारोबार और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लालकुआं, हल्दूचौड़ और बिंदुखत्ता में अवैध कच्ची शराब, स्मैक और चरस की खुलेआम होम डिलीवरी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र की महिलाओं ने एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी स्कूटी की तलाशी ली थी, जिसमें कच्ची शराब के कई पाउच बरामद हुए। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि युवक लंबे समय से इलाके में शराब की सप्लाई कर रहा था। इसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी और कर्मचारी न केवल निष्क्रिय बने हुए हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली से अवैध कारोबार को अप्रत्यक्ष बढ़ावा मिल रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो प्रभावी छापेमारी हो रही है और न ही नेटवर्क पर कोई ठोस कार्रवाई।
क्षेत्र में स्मैक और चरस जैसे खतरनाक नशे की बढ़ती पहुंच ने युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घर-घर तक नशे की डिलीवरी हो रही है, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और आबकारी आयुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अवैध नशा नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और वर्षों से जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो वे एसएसपी कार्यालय और आबकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि अब क्षेत्र में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
अवैध शराब, स्मैक और चरस की होम डिलीवरी के आरोप
आबकारी विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन की चेतावनी
