








एनजीटी और डीएम के कड़े आदेश बेअसर, विधायक के गांव की ही सड़क पर उड़ रही है धूल!
सोश्यल मीडिया ने खोली पोल, भाजपा सरकार पर उठे गंभीर सवाल!
हल्दूचौड़।
सड़कों पर धूल नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और जिलाधिकारी के स्पष्ट व कड़े निर्देशों के बावजूद हल्दूचौड़-गोला रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। समय विनोद की फेसबुक वाल से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदारों की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि यह वही मार्ग है जो माननीय विधायक के गांव को जोड़ता है, लेकिन यहां हालात बद से बदतर हैं। स्टोन क्रशर, स्टॉक और गौला खदान से निकलने वाले भारी वाहनों ने सड़क को पूरी तरह धूल से पट दिया है। स्थिति यह है कि राहगीरों का सांस लेना मुश्किल हो गया है, जबकि स्कूली बच्चे रोज इस जहरीली धूल के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
नियमों के अनुसार खनन और क्रशर संचालकों के लिए सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव अनिवार्य है, ताकि धूल पर नियंत्रण रखा जा सके। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी द्वारा भी इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद न तो आदेशों का पालन हो रहा है और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई नजर आ रही है।
यह सवाल अब और भी गंभीर हो जाता है कि जब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और जिला प्रशासन के निर्देशों को भी खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है, तो आखिर जिम्मेदारों को संरक्षण कौन दे रहा है? प्रशासन की यह चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा कर रही है।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे टैक्स भरते हैं, लेकिन बदले में उन्हें बीमारियां, धूल और लापरवाही मिल रही है।
क्षेत्रीय जनता ने माननीय विधायक से अपील की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों और क्रशर संचालकों को सख्त निर्देश दें, ताकि सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित हो सके और आमजन, खासकर स्कूली बच्चों को इस जानलेवा धूल से राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि भाजपा सरकार और प्रशासन अपने ही आदेशों को लागू कराने में कितनी गंभीरता दिखाते हैं।
