गर्जिया मंदिर में 30 मई तक दर्शन बंद, टीले के सुदृढ़ीकरण कार्य तेज।
मानसून से पहले सुरक्षा पर फोकस, श्रद्धालु लक्ष्मी नारायण मंदिर में कर सकेंगे चरण पादुका के दर्शन।
दर्पण न्यूज 24/7 रामनगर। प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। मंदिर परिसर में चल रहे टीले के सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही 30 मई तक बंद कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन के अनुसार, मां गिरिजा देवी के टीले को मजबूत करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एक ओर बहती नदी और दूसरी ओर कमजोर हो चुका टीला कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहा है। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे से बचाव के लिए मंदिर तक पहुंच अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
हालांकि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मां गिरिजा देवी की चरण पादुका के दर्शन किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 की बाढ़ के बाद से मंदिर के टीले में दरारें आनी शुरू हो गई थीं, जो समय के साथ बढ़ती गईं। इससे मंदिर की संरचना को खतरा उत्पन्न हो गया था। इसके बाद विभाग द्वारा मरम्मत कार्य के प्रस्ताव भेजे गए और मई 2024 में पहले चरण का कार्य पूरा किया गया। वर्तमान में दूसरे चरण के तहत बाढ़ सुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।
निर्माण के दौरान नदी के भीतर करीब 5 मीटर तक खुदाई की जा रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव चुनौती बना हुआ है। विभाग के अनुसार, कार्य अभी हाई फ्लड लेवल तक नहीं पहुंच पाया है, ऐसे में आवश्यकता पड़ने पर बंदी की अवधि 15 जून तक भी बढ़ाई जा सकती है।
प्रशासन और विभागीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है, ताकि मानसून से पहले इस आस्था के केंद्र को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
