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डीप फ्रीजर में मिला बासी चावल-दाल, खाद्य विभाग ने कराया नष्ट!

24 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे, कौसानी के होटलों में भी चला औचक अभियान!

दर्पण न्यूज 24/7 बागेश्वर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जिले में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाते हुए बाजारों से लेकर पर्यटन स्थल कौसानी के होटल-रेस्टोरेंट तक जांच की। इस दौरान डीप फ्रीजर में रखा बासी चावल, दाल और चिकन मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा और जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक आयुक्त एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान कुल 24 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

निरीक्षण में आम, केला और पपीता जैसे फलों को रसायनों से पकाने तथा हरी सब्जियों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की विशेष जांच की गई। संदेह के आधार पर फल-सब्जियों के छह और अंडों के दो नमूने राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे गए। अधिकारियों ने विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि फलों को प्राकृतिक रूप से पकाया जाए और सब्जियों में कृत्रिम रंगों का प्रयोग न किया जाए।

पर्यटन स्थल कौसानी में 10 होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर जूस की चार बोतलें, मसालों के तीन पैकेट तथा डीप फ्रीजर में रखा बासी भोजन नष्ट कराया गया। संबंधित संचालकों को अंतिम चेतावनी दी गई।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रकाश फुलारा ने बताया कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब होने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि फलों को केमिकल से पकाना और सब्जियों में हानिकारक रंग मिलाना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। पर्यटन सीजन के मद्देनजर ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

अभियान के दौरान भूपेंद्र देव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड