मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार, नदी-नालों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश!
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की तैयारियों की समीक्षा, विभागों को 24×7 सतर्क रहने के आदेश!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
प्रमोद बमेटा, देहरादून
प्रदेश में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी विभागों एवं जिलों की मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में कार्य करने को कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में आने वाले महीने बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं बिजली और पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों की समय रहते मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि बारिश के दौरान जनता को लंबी अवधि तक बिजली और पानी की समस्या न झेलनी पड़े।
बैठक में शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा डालने वाले अतिक्रमण और अवरोध तत्काल हटाए जाएं तथा जलभराव की स्थिति किसी भी हाल में उत्पन्न न होने दी जाए।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नदी मार्ग में जमा आरबीएम हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह सुचारु रहेगा और कटाव से आबादी एवं आधारभूत ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचेगा। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय हैं और तीन डॉप्लर वेदर रडार कार्य कर रहे हैं, जबकि तीन नए रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग अभियान चलाने, स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने तथा हेली एम्बुलेंस सेवाएं तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर आपदा संबंधी फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां और अलर्ट आमजन तक तेजी से पहुंचना बेहद जरूरी है, इसके लिए सचेत एप और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाए।
