“नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार”
देघाट में गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई, भीमताल में शराब तस्करी पर शिकंजा
देघाट थानाध्यक्ष अजेन्द्र प्रसाद और भीमताल थानाध्यक्ष राजेश यादव की सख्ती से तस्करों में मचा हड़कंप!
दर्पण न्यूज 24/7 | अल्मोड़ा/भीमताल
उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम अब और तेज होती दिखाई दे रही है। अल्मोड़ा के देघाट और नैनीताल के भीमताल में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए गांजा और अवैध शराब तस्करी के बड़े मामलों का खुलासा किया है। इन कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि अब नशे के कारोबारियों के लिए पहाड़ की धरती सुरक्षित नहीं बची है।
देघाट थाना प्रभारी अजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने केदार-उदयपुर रोड पर चेकिंग अभियान के दौरान एक लग्जरी फॉर्च्यूनर कार से 54.450 किलो गांजा बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वाहन की डिग्गी से तीन कट्टों में भरा गांजा बरामद किया जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस की सतर्कता ऐसी रही कि आरोपी बहाने बनाकर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन देघाट पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर वाहन को सीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में देघाट पुलिस की सक्रियता की जमकर चर्चा हो रही है।
वहीं दूसरी ओर भीमताल में थाना प्रभारी राजेश यादव के निर्देशन में पुलिस टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रो कार से 160 टेट्रा पैक किन्नू मसालेदार देसी शराब बरामद की। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पुलिस अब नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के मूड में है। पहाड़ की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ पुलिस का यह सख्त रुख समाज के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
एक ओर लग्जरी फॉर्च्यूनर में गांजे की खेप पकड़ी जा रही है तो दूसरी ओर छोटी कारों से शराब तस्करी का खेल चल रहा है। ऐसे में पुलिस की सक्रियता यह साबित कर रही है कि चाहे तस्कर कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजर से बच पाना अब आसान नहीं है।
