जंगल के ‘महाबली’ से भिड़ी स्कूटी! शिक्षिका घायल, टक्कर में हाथी का दांत टूटा!
चकरपुर-बनबसा हाईवे पर रोमांचक हादसा, राहगीरों के शोर से जंगल की ओर भागा हाथी!
दर्पण न्यूज 24/7 खटीमा। तराई के जंगलों से गुजरने वाला चकरपुर-बनबसा राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार सुबह अचानक अफरा-तफरी और दहशत का गवाह बन गया, जब स्कूल जा रही एक स्कूटी सवार शिक्षिका सीधे सड़क पार कर रहे हाथी से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और हाथी का एक दांत टूटकर सड़क पर गिर पड़ा।
जानकारी के अनुसार श्रीपुर बिछवा निवासी शिक्षिका निकिता कापड़ी (23) पत्नी रोहित कापड़ी मंगलवार सुबह अपने मायके टनकपुर से खटीमा स्थित हिंद पब्लिक स्कूल ड्यूटी के लिए स्कूटी से निकली थीं। जैसे ही वह बनबसा और चकरपुर के बीच घने जंगल वाले हिस्से में पहुंचीं, तभी अचानक एक विशालकाय हाथी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। इससे पहले कि शिक्षिका कुछ समझ पातीं, स्कूटी सीधे हाथी से जा टकराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि हाथी का एक दांत टूटकर नीचे गिर गया, जबकि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद घायल शिक्षिका ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह खुद को सुरक्षित दूरी तक पहुंचाया।
इसी दौरान पीछे से आ रहे राइंका गैंडाखाली और राइंका सूखीढांग के शिक्षक-शिक्षिकाओं के दल ने घटना देख जोर-जोर से शोर मचाया। शिक्षिका शाइस्ता परवीन, रवि बगोटी, रेखा कन्याल, पीएम शाह, डॉ. आरबी यादव, विक्रम सिंह धामी और महेंद्र पाल सिंह के शोर के बाद हाथी जंगल की ओर भाग गया।
सूचना मिलते ही चकरपुर चौकी प्रभारी विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने भी तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल शिक्षिका को एनएच एंबुलेंस की मदद से खटीमा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।
वन क्षेत्राधिकारी हरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि टूटे हुए हाथी के दांत को कब्जे में लेकर सुरक्षित रेंज कार्यालय में रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर में आता है, जहां अक्सर हाथियों के झुंड सड़क पार करते हैं। घटना के बाद इलाके में दो ट्रैप कैमरे लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि हाथियों और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
वन विभाग ने वाहन चालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि जंगल क्षेत्र से गुजरते समय तेज रफ्तार और लापरवाही भारी पड़ सकती है।
रात में फिर ‘गजराज’ का आतंक! हाथियों के झुंड ने ग्रामीण का मकान तोड़ा
नईबस्ती पचौरिया में दहशत, ग्रामीण बोले— “जंगल किनारे अब हर रात डर के साये में गुजर रही”
खटीमा। एक ओर हाईवे पर हाथी से टक्कर का सनसनीखेज मामला सामने आया, तो दूसरी ओर वन सीमा से सटे गांव नईबस्ती पचौरिया में हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। सोमवार रात गांव में घुसे हाथियों ने ग्रामीण पदम राम के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि देर रात अचानक हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और भोजन की तलाश में घरों के आसपास मंडराने लगा। इसी दौरान हाथियों ने पदम राम के मकान की दीवार तोड़ दी। घर में मौजूद परिवार के लोग चीख-पुकार करते हुए बाहर निकले। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी जाग गए और सामूहिक रूप से हल्ला मचाया, जिसके बाद हाथियों का झुंड वापस जंगल की ओर लौट गया।
घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा जोशी मौके पर पहुंचीं और वन विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वन बीट अधिकारी हिमांशु पंत ने क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण कर ग्रामीणों से रात में अकेले बाहर न निकलने और जंगल की ओर न जाने की अपील की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा जोशी ने वन विभाग से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने और वन सीमा से लगे गांवों की सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।
तराई क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं ने अब ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। हाईवे से लेकर गांवों तक हाथियों की आमद ने साफ कर दिया है कि जंगल और आबादी के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है।
