कॉर्बेट के ढिकाला में नाइट स्टे का आखिरी मौका, 15 जून के बाद पांच माह के लिए बंद होंगे प्रमुख पर्यटन जोन।
दर्पण न्यूज 24/7 | रामनगर | करन तिवारी
विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला पर्यटन जोन में जंगल के बीच रात्रि विश्राम और रोमांचक सफारी का आनंद लेने का यह आखिरी अवसर है। मानसून सीजन को देखते हुए 15 जून के बाद कॉर्बेट के प्रमुख पर्यटन जोनों को लगभग पांच माह के लिए बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में जून के पहले पखवाड़े में पर्यटकों के बीच नाइट स्टे और वन्यजीव दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कॉर्बेट प्रशासन ने इस बार विशेष “करंट बुकिंग सिस्टम” लागू किया है। इसके तहत 1 जून से 15 जून तक की बुकिंग केवल 48 घंटे पहले ही कराई जा सकेगी। हर दो दिन में आगामी दो दिनों के लिए ऑनलाइन बुकिंग खोली जाएगी, ताकि मौसम की स्थिति के अनुसार पर्यटकों को सुरक्षित प्रवेश दिया जा सके।
ढिकाला जोन अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, विशाल घास के मैदानों, रामगंगा नदी और बाघ, हाथी, हिरण समेत विविध वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद माना जाता है। हर वर्ष मानसून से पहले यहां हजारों प्रकृति प्रेमी जंगल के बीच रात्रि विश्राम का अनूठा अनुभव लेने पहुंचते हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए करंट बुकिंग व्यवस्था लागू की गई है। यदि भारी वर्षा या सुरक्षा संबंधी कोई खतरा उत्पन्न होता है तो पर्यटन गतिविधियां निर्धारित तिथि से पहले भी बंद की जा सकती हैं।
कॉर्बेट प्रशासन के अनुसार ढिकाला परिसर में लगभग 30 कमरे और 12 डॉरमेट्री बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा गैरल, सुल्तान, मलानी, बिजरानी, झिरना, ढेला, पाखरो और सोना नदी क्षेत्र में भी पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
15 जून के बाद ढिकाला सहित अधिकांश प्रमुख पर्यटन जोनों में नाइट स्टे पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और यह व्यवस्था नवंबर मध्य तक प्रभावी रहेगी। हालांकि मानसून अवधि में गार्जिया, झिरना, ढेला और कुछ समय तक बिजरानी जोन में डे-सफारी संचालित होती रहेगी। अत्यधिक वर्षा की स्थिति में इन जोनों को भी अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
कॉर्बेट प्रशासन ने पर्यटकों से यात्रा से पूर्व मौसम और बुकिंग संबंधी ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करने की अपील की है। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए मानसून से पहले जंगल की गोद में एक यादगार रात बिताने का यह वास्तव में अंतिम सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
