सेवानिवृत्ति के बाद यूएमसी में नई जिम्मेदारी, नियुक्ति प्रक्रिया को लेकरआरटीआई एक्टिविस्ट चन्द्रशेखर जोशी ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत परिषद से विभिन्न बिंदुओं पर मांगी जानकारी।
दर्पण न्यूज 24/7 देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड से 31 मार्च 2026 को संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. अजीत मोहन जौहरी को उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद (यूएमसी) में डिप्टी रजिस्ट्रार (कार्यवाहक) का दायित्व सौंपा गया है। परिषद द्वारा 29 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नियमित डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति होने तक प्रभावी रहेगी।
आदेश के अनुसार डॉ. जौहरी परिषद के दैनिक प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे। वर्तमान में वे परिषद के सदस्य भी हैं।
इस नियुक्ति के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट चन्द्रशेखर जोशी ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत परिषद से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। आरटीआई आवेदन में नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख, प्रस्ताव, नोटशीट, नियमावली, चयन प्रक्रिया, बैठक की कार्यवाही, रिक्त पद की स्थिति तथा पूर्व में पद पर तैनात अधिकारियों से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
आवेदन में यह भी पूछा गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर नियमित नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन जारी किया गया था या नहीं, यदि जारी किया गया तो चयन प्रक्रिया क्या रही तथा क्या अन्य पात्र अभ्यर्थियों पर भी विचार किया गया। साथ ही कार्यवाहक व्यवस्था के तहत प्रदान किए गए प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों संबंधी जानकारी भी मांगी गई है।
आरटीआई में परिषद से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है कि वर्तमान व्यवस्था अंतरिम प्रकृति की है अथवा नियमित नियुक्ति तक जारी रहेगी तथा नियमित नियुक्ति के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. जौहरी राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों में रहे हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर उठे विभिन्न प्रश्नों के बीच अब संबंधित पक्षों की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली आधिकारिक जानकारी और अभिलेखों पर नजर बनी हुई है।
