खबरें शेयर करें -

 मातृभूमि पर न्यौछावर हुआ लालकुआं का ये वीर सपूत!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। उत्तराखंड की वीर भूमि ने एक बार फिर अपना एक जांबाज बेटा देश की रक्षा के लिए खो दिया। मणिपुर के उखरूल जिले में उग्रवादियों से मुकाबला करते हुए असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनके शहीद होने की खबर मिलते ही लालकुआं से लेकर उनके पैतृक गांव तक शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है, लेकिन हर दिल को इस बात का गर्व भी है कि इस धरती के लाल ने देश की आन-बान-शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
बलवंत सिंह खेतवाल लालकुआं के बरेली रोड स्थित मोतीनगर क्षेत्र के बकुलिया के निवासी थे, जबकि उनका पैतृक गांव बागेश्वर जनपद का तुपेड़ (वनडुंगरा) है। वर्ष 1991 में उन्होंने असम राइफल्स में कांस्टेबल के रूप में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। करीब 35 वर्षों की गौरवशाली सेवा के दौरान उन्होंने अनेक चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं तथा अपने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर वारंट अधिकारी के पद तक पहुंचे।
शहीद बलवंत सिंह छह भाइयों में पांचवें नंबर के थे। उनके पिता का नाम गोपाल सिंह खेतवाल है। वर्ष 2000 में उनका विवाह संगीता देवी से हुआ था। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। पिछले लगभग छह वर्षों से उनका परिवार सुकलिया स्थित कर्नल फार्म, जगदंबा कॉलोनी में रह रहा है।
मणिपुर में ड्यूटी के दौरान मिली शहादत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। क्षेत्र में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। उनके पैतृक गांव में भी गम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बलवंत सिंह ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे उत्तराखंड का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर कभी मरते नहीं, वे हर भारतीय के दिल में हमेशा जीवित रहते हैं। वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल की शहादत आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्य और साहस की प्रेरणा देती रहेगी। उनकी कुर्बानी को देश हमेशा याद रखेगा।
वीर शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
शत-शत नमन, वीर बलवंत सिंह खेतवाल अमर रहे।
जय हिंद।

उत्तराखंड