“बदरीनाथ के चढ़ावे पर डाका, आस्था पर हमला!” धामी का सख्त संदेश ‘गौहत्या और माता-पिता की हत्या जैसा महापाप’, दोषी नहीं बचेंगे!
एफआईआर दर्ज, एसआईटी जांच तेज; मुख्यमंत्री बोले आस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं
दर्पण न्यूज 24×7 | ब्यूरो रिपोर्ट: प्रमोद बमेटा | हरिद्वार
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों ने उत्तराखंड की राजनीति और धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे प्रकरण को केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि “बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में चोरी गौहत्या और माता-पिता की हत्या जैसा महापाप है।”
हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में नौ दिवसीय श्रीराम कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और एसआईटी जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
धामी ने कहा कि बदरीनाथ धाम करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल पर चढ़ावे में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि धार्मिक और नैतिक दृष्टि से भी अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन चेतना का पुनर्जागरण हो रहा है और उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ में देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शामिल होने का भी आमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जैसे निर्णयों के माध्यम से सनातन संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत कर रही है।
कार्यक्रम में मौजूद स्वामी चिदानंद सरस्वती ने भी धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मंदिरों से जुड़ी घटनाओं को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना समाज में भ्रम और वैमनस्य पैदा करता है। उन्होंने झूठी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ अलग कानून बनाने की भी मांग की।
वहीं आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि यदि किसी भी मंदिर में चोरी या चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए और चोरी हुई हर वस्तु तथा चंदे की राशि की शत-प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
समारोह में अनेक संत-महात्माओं के साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
बदरीनाथ केवल एक मंदिर नहीं, करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है। यदि चढ़ावे पर भी सवाल उठने लगें तो यह सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि विश्वास की नींव को हिलाने वाला मामला है। अब निगाहें एसआईटी जांच पर हैं—क्या सच सामने आएगा और क्या दोषियों तक कानून का हाथ पहुंचेगा, यही सबसे बड़ा सवाल है।
