रानीबाग में बंदरों का आतंक, दो महिलाओं को काटकर किया घायल!
एक महिला को लगाए गए 12 इंजेक्शन, वन विभाग से पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने की मांग; ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी!
हल्द्वानी। ग्रामसभा रानीबाग में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार दोपहर रानीबाग के तोक अक्षयवट में बंदरों ने अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है।
स्थानीय निवासी दीपक नौगाईं के अनुसार, रेवाधर पालीवाल की पत्नी कृष्णा पालीवाल शनिवार दोपहर घर के आंगन में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक बंदर ने पीछे से उन पर हमला कर दिया और उनकी पीठ पर काट लिया। बंदर के काटने से उनकी पीठ पर गहरा जख्म हो गया। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल हल्द्वानी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें रेबीज से बचाव के लिए 12 इंजेक्शन लगाए।
इसी क्षेत्र में रहने वाले सुरेंद्र नेगी की पत्नी इंद्रा नेगी पर भी बंदरों ने हमला कर उनकी पीठ पर काट लिया। एक ही दिन में दो महिलाओं के घायल होने की घटना से रानीबाग क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। बंदर आए दिन घरों में घुसने के साथ ही लोगों पर हमला कर रहे हैं। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को देते हुए क्षेत्र में पिंजरा लगाकर उत्पाती बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि बंदरों के आतंक से किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार नहीं किया जा सकता।
