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ज्योलिकोट में जलजनित रोगों की खबर पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पेयजल के नमूने लिए!
दर्पण न्यूज 24/7 नैनीताल, 13 अगस्त। ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पानी से लोगों के बीमार होने और एक विद्यालय के 20 छात्रों में जलजनित रोग के लक्षण पाए जाने संबंधी खबरों का स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ज्योलिकोट पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश से छात्रों के स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। प्रधानाचार्य के अनुसार विद्यालय में करीब 630 छात्र अध्ययनरत हैं और यह पूर्णतः आवासीय विद्यालय है। चार अगस्त को एक छात्र के जलजनित रोग से ग्रसित होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद 10 अगस्त तक कुल 20 छात्रों में जलजनित रोग के लक्षण पाए गए। संबंधित छात्रों की स्वास्थ्य एवं प्रयोगशाला जांच विद्यालय से अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब और निजी अस्पताल के माध्यम से कराई गई।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार 13 अगस्त को विद्यालय बंद कर दिया गया, जिसके बाद छात्र अपने घरों तथा कुछ अन्य राज्यों को चले गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर विद्यालय परिसर में कोई छात्र मौजूद नहीं था। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय अब 31 अगस्त को खोला जाएगा। सीएमओ ने निजी पैथोलॉजी लैब और निजी चिकित्सालय से भी छात्रों की जांच संबंधी जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं।
संभावित संक्रमण के स्रोत और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय परिसर से पेयजल के नमूने और ब्लड सैंपल एकत्र किए हैं। पेयजल के नमूने आवश्यक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पानी की गुणवत्ता और संक्रमण के संभावित स्रोत का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरियाताल, वीरभट्टी में भी चला जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ज्योलिकोट से लगे सरियाताल, वीरभट्टी और आसपास के क्षेत्रों में भी जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाया। ग्रामीणों को जलजनित रोगों से बचाव, सुरक्षित पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान जिंक और ओआरएस का वितरण भी किया गया।
बारिश में दूषित पानी से रहें सावधान!
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि बारिश के मौसम में दूषित पेयजल के कारण पीलिया, डायरिया, उल्टी और टाइफाइड समेत विभिन्न जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने, पानी को उबालकर अथवा निर्धारित विधि से शुद्ध करने और पेयजल को ढककर रखने की अपील की। जलजनित रोगों के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है।
जांच एवं जागरूकता अभियान में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गर्वित, एपिडेमियोलॉजिस्ट नंदन कांडपाल, माइक्रोबायोलॉजी से प्रियंका धोनी, एएनएम दया चौहान व किरण परिहार तथा आईईसी अधिकारी दीवान बिष्ट सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. माधव त्रिपाठी, अक्षय यादव एवं विक्रांत चौधरी ने सहयोग किया।