








बरसात में ट्रेनों में सफर करते समय रहें सावधान!
क्योंकि ‘बिन बुलाये ये मेहमान’ भी हैं सफर की फिराक में!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
हरिद्वार। बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं वन्यजीवों के रिहायशी और मानवीय क्षेत्रों की ओर आने का खतरा भी बढ़ जाता है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में वंदे भारत एक्सप्रेस के पास करीब दस फीट लंबा अजगर मिलने की घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अजगर ट्रेन के कोच में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था, जिसे वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया।
यह घटना केवल रेलवे कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि बरसात के दौरान ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी सावधानी का संदेश है। बारिश के मौसम में सांप, अजगर और अन्य रेंगने वाले जीव पानी से बचने, गर्माहट तलाशने या सुरक्षित स्थान की तलाश में वाहनों, रेलवे यार्ड, प्लेटफार्म और कभी-कभी ट्रेनों के आसपास पहुंच सकते हैं।
ट्रेन में सांप या अजगर दिखे तो क्या करें?
यात्रियों को ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल रेलवे कर्मचारी, टीटीई, आरपीएफ अथवा संबंधित स्टाफ को सूचना देनी चाहिए। किसी भी हालत में सांप या अजगर को पकड़ने, भगाने या उसके करीब जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। खासकर रात के समय ट्रेन के शौचालय, सीट के नीचे, सामान रखने की जगह अथवा कोच के किसी कोने में कोई संदिग्ध हलचल दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें।
बरसात में यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
बारिश के दौरान यात्रियों को अपने सामान और आसपास के स्थान पर नजर रखनी चाहिए। जमीन पर रखा सामान उठाते समय सावधानी बरतें और रेलवे ट्रैक, झाड़ियों या सुनसान हिस्सों में जाने से बचें। बच्चों को विशेष रूप से ट्रेन के आसपास अथवा रेलवे यार्ड में अकेले न जाने दें।
हरिद्वार में वंदे भारत के पास अजगर मिलने की घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि बरसात में वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित सूचना व्यवस्था किसी भी संभावित खतरे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। राहत की बात यह रही कि अजगर ट्रेन के कोच में प्रवेश करने से पहले ही कर्मचारियों की नजर में आ गया और समय रहते उसे सुरक्षित हटा लिया गया।
