








बदलते मौसम का असर, कान-नाक-गला बेहाल
एसटीएच की ईएनटी ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़, रोज 200 तक पहुंच रहे मरीज!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता।
हल्द्वानी। बदलते मौसम के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में बढ़ी नमी अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। नाक, कान और गले से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय की ईएनटी ओपीडी में इन दिनों रोजाना करीब 180 से 200 मरीज उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।
ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अचिन पंत के अनुसार बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, टॉन्सिल संक्रमण, कान में संक्रमण व कान बहना, नाक बंद रहना और साइनस जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। तापमान में अचानक बदलाव और वातावरण में अधिक नमी के कारण वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कान में पानी जाए तो ईयरबड से न करें सफाई
डॉ. पंत ने लोगों को कान की सफाई में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश या नहाते समय कान में पानी चले जाने पर ईयरबड, माचिस की तीली, पिन या किसी नुकीली वस्तु से सफाई न करें। इससे कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने के साथ संक्रमण बढ़ सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
कान में तेज दर्द, मवाद या खून आना, सुनने की क्षमता कम होना, गले में अत्यधिक दर्द, निगलने या सांस लेने में परेशानी और लगातार नाक बंद रहने की समस्या होने पर तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डॉ. पंत ने अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थों और बर्फ के अनावश्यक सेवन से बचने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
