








‘शुद्धिकरण’ पर सियासी शुद्धि संग्राम! हल्द्वानी से पूरे उत्तराखंड तक भिड़े कांग्रेस-भाजपा!
कांग्रेस का सवाल—कथित शुद्धिकरण कराने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं, राहुल गांधी पर ही मुकदमा क्यों?
भाजपा का पलटवार—जाति का रंग देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ रही कांग्रेस, प्रदेशभर में राहुल के पुतले फूंके!
आज सचिवालय कूच करेगी कांग्रेस!
प्रमोद बमेटा दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी।
रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ ने उत्तराखंड की सियासत में नया उबाल ला दिया है। मामला अब सिर्फ हल्द्वानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में पुलिस थानों और चौकियों में शिकायतें देकर कथित शुद्धिकरण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, तो भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने प्रदेशभर में राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके पुतले फूंके।
कांग्रेस का आरोप है कि 8 अगस्त को खड़गे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। पार्टी ने इसे खड़गे की दलित पहचान से जोड़ते हुए गंभीर आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि यह कृत्य जातिगत भेदभाव की भावना से किया गया था तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
‘हमारी शिकायत पर कार्रवाई नहीं, राहुल पर तुरंत मुकदमा’
कांग्रेस ने सबसे बड़ा सवाल राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर उठाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस मामले में कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थी, उसमें कथित शुद्धिकरण करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि पार्टी 9 अगस्त से ही कार्रवाई की मांग कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस ने प्राथमिकी को लेकर भाजपा और उत्तराखंड सरकार पर हमला बोला है। जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।
प्रदेश कांग्रेस ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में मंगलवार को सचिवालय घेराव की तैयारी है।
भाजपा का पलटवार—‘कांग्रेस दे रही विवाद को जातीय रंग’
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राहुल गांधी के पुतले फूंके।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बलबीर घुलियाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को जाति से जोड़कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में हुए कार्यक्रम में भाजपा का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम का भाजपा से कोई संबंध नहीं था तो कांग्रेस भाजपा पर आरोप क्यों लगा रही है।
हवन था या ‘शुद्धिकरण’? यही बना सबसे बड़ा सवाल?
विवाद के बीच कार्यक्रम से जुड़े लोगों की दलील कांग्रेस से बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में हवन और साफ-सफाई की गई थी तथा इसका किसी व्यक्ति की जाति से कोई संबंध नहीं था। उनका दावा है कि सामान्य धार्मिक आयोजन और स्वच्छता कार्य को जातिगत भेदभाव बताना उचित नहीं है।
दूसरी ओर, अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम और स्वच्छता अभियान को जाति आधारित भेदभाव तथा छुआछूत से जोड़कर वाल्मीकि समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
अब सियासत के केंद्र में दो सवाल?
हल्द्वानी का रामलीला मैदान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पूछ रही है—कथित शुद्धिकरण करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं? भाजपा पूछ रही है—बिना तथ्य के धार्मिक आयोजन को जातीय भेदभाव से जोड़ना क्यों?
जैसे-जैसे दोनों दलों का आंदोलन तेज हो रहा है, वैसे-वैसे हल्द्वानी का यह विवाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और आज प्रस्तावित कांग्रेस के सचिवालय घेराव पर टिकी हैं।
