

उत्तराखंड के खानपुर विधानसभा के विधायक के फार्म हाउस में युवती से गैंगरेप का आरोप, चार वर्दीधारी गिरफ्तार, पीड़िता ने गूगल से नंबर खोजकर पुलिस को किया फोन!
अमरोहा/हसनपुर। उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र स्थित फार्म हाउस में हरियाणा की 23 वर्षीय युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती की शिकायत पर हसनपुर कोतवाली पुलिस ने यूपी पुलिस के एक दरोगा और सिपाही तथा सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। मामले में यूपी पुलिस के दोनों कर्मियों को निलंबित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना 22 सितंबर की रात की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक युवती को धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने अमरोहा लाया गया था। बाद में उसे हसनपुर क्षेत्र स्थित फार्म हाउस ले जाया गया। युवती ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने फार्म हाउस पर कार्रवाई कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दरोगा ने अफसर बताकर फार्म हाउस में कराया प्रवेश!
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक हसनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा ने फार्म हाउस के कर्मचारियों को बताया था कि उसके साथ आए लोग गृह मंत्रालय से जुड़े अधिकारी हैं और किसी जांच के सिलसिले में अमरोहा आए हैं। उनसे कुछ घंटे फार्म हाउस में रुकने के लिए कमरा मांगा गया था।
फार्म हाउस के केयरटेकर की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों को धमकाया और गाली-गलौज भी की गई। इस दौरान उनके सामने मौजूद लोगों की पहचान अधिकारी के तौर पर बताई गई थी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
कमरे से बाहर निकली तो खुद खोजा पुलिस का नंबर!
घटना के बाद युवती ने जिस तरह पुलिस तक अपनी बात पहुंचाई, वह भी मामले का अहम हिस्सा है। रिपोर्टों के मुताबिक तीन आरोपी कमरे से बाहर निकल गए थे। बाद में चौथा आरोपी अंदर आया तो युवती ने उसे धक्का देकर कमरे से बाहर कर दिया और दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद उसने अपने मोबाइल से गूगल पर अमरोहा पुलिस का नंबर खोजा और पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम फार्म हाउस पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लिया।
कार्रवाई पर भी उठे सवाल!
मामले में एक सवाल पुलिस की कार्रवाई के तरीके को लेकर भी उठ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक आरोपियों को घटना वाली रात ही पकड़ लिया गया था, लेकिन इसकी जानकारी अगले दिन देर शाम सामने आई। इसी दौरान आरोपियों को मीडिया से दूर रखा गया।
हालांकि पुलिस की ओर से कार्रवाई में देरी या जानबूझकर मामला छिपाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि गिरफ्तारी के बाद आधिकारिक सूचना जारी करने में इतना समय क्यों लगा और शुरुआती कार्रवाई किस स्तर पर की गई।
विधायक का फार्म हाउस, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल!
हसनपुर क्षेत्र के झूलपुरी स्थित यह फार्म हाउस विधायक उमेश कुमार से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक फार्म हाउस कई एकड़ में फैला है और वहां सुरक्षा के लिए कैमरों समेत अन्य इंतजाम मौजूद हैं। ऐसे में अब जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरे सक्रिय थे या नहीं और उनमें क्या रिकॉर्ड हुआ।
फार्म हाउस के मालिक विधायक उमेश कुमार की ओर से कर्मचारियों को धमकाए जाने की शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है।
चारों आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें हसनपुर कोतवाली से जुड़े यूपी पुलिस के दो कर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान शामिल हैं। युवती को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। मामले की जांच जारी है।
घटना ने एक साथ कई सवाल खड़े किए हैं—अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो वर्दीधारी कर्मचारी एक महिला को कथित तौर पर फार्म हाउस तक कैसे ले गए, निजी परिसर में उनकी मौजूदगी की सूचना स्थानीय पुलिस तंत्र में किस स्तर पर थी और शिकायत मिलने के बाद शुरुआती कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने में इतना वक्त क्यों लगा। इन सवालों के जवाब जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से सामने आएंगे।
