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जिला पंचायत नैनीताल में औचक निरीक्षण से खुली व्यवस्थाओं की पोल!

15वें वित्त की करीब 15 करोड़ की धनराशि के उपयोग पर सवाल, नक्शों से लेकर डिस्पैच रजिस्टर तक मिली गड़बड़ियां!

कई अधिकारी-कर्मचारी नदारद, जेई द्वारा पत्रावलियां घर ले जाने की जानकारी पर सीडीओ नाराज!

दो घंटे में मांगी रिपोर्ट, घंटों बाद भी नहीं मिल पाया संतोषजनक जवाब,जांच रिपोर्ट डीएम को होगी पेश!

दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो

नैनीताल। जिला पंचायत नैनीताल में गुरुवार को हुए औचक निरीक्षण ने कार्यालय की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद पांडे के औचक निरीक्षण में वित्तीय धनराशि के उपयोग से लेकर कार्यालयी अभिलेखों, नक्शों, कर वसूली और कर्मचारियों की उपस्थिति तक कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। स्थिति सामने आने के बाद सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

सबसे गंभीर मामला 15वें वित्त की धनराशि के उपयोग से जुड़ा सामने आया। वर्ष 2022-23 से जिला पंचायत को करीब 15 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन उसका अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया। वर्ष 2021-22 में प्राप्त धनराशि के उपयोग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। सीडीओ ने सांसद निधि और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का पूरा ब्योरा भी तलब किया।

नक्शों की प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान नक्शों से संबंधित मामलों में भी खामियां सामने आईं। कुछ नक्शों पर तारीख, संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर और शुल्क जमा करने की रसीद तक नहीं मिली। इससे नक्शों के निस्तारण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। सीडीओ ने ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

इसी दौरान कनिष्ठ अभियंता (जेई) द्वारा कार्यालय की पत्रावलियां घर ले जाने की जानकारी सामने आने पर सीडीओ ने गंभीर नाराजगी जताई। सरकारी पत्रावलियों के रखरखाव और उनकी आवाजाही को लेकर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

सीडीओ के सामने ही भरी जा रही थीं रजिस्टर की प्रविष्टियां!

औचक निरीक्षण में डिस्पैच रजिस्टर की स्थिति ने भी कार्यालयीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। बताया गया कि सीडीओ के सामने ही कनिष्ठ सहायक द्वारा रजिस्टर में प्रविष्टियां दर्ज की जा रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

टैक्स कलेक्शन घटा, रिपोर्टिंग व्यवस्था भी सवालों में!

जिला पंचायत क्षेत्र में टैक्स कलेक्शन में कमी और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला भी निरीक्षण में सामने आया। सीडीओ ने राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। इसके साथ ही जिला पंचायत क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सीएम पोर्टल पर शिकायतें पहुंचना भी गंभीर विषय!

सीडीओ अरविंद पांडे ने कहा कि विकास योजनाओं और जिला योजना के तहत आवंटित धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए। जिला और राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग तथा निरीक्षण की व्यवस्था होने के बावजूद जिला पंचायत से संबंधित शिकायतों का सीएम पोर्टल समेत अन्य माध्यमों तक पहुंचना गंभीर विषय है। उन्होंने लंबित मामलों की तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दो घंटे में मांगी रिपोर्ट, घंटों बाद भी नहीं आया संतोषजनक जवाब!

निरीक्षण के दौरान कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढे भरने और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों को हटाने और नई नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ ने अधिकारियों को जिला पंचायत से जुड़े सभी लंबित मामलों और कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट दो घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। हालांकि, कई घंटे तक सीडीओ की मौजूदगी के बावजूद संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो सकी।

सीडीओ ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में सामने आए सभी मामलों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी तथा पटवारी भीमताल हेम जोशी भी मौजूद रहे।

सवाल अब सिर्फ अनियमितताओं का नहीं, जवाबदेही का है—जब करोड़ों की धनराशि, सरकारी पत्रावलियां, नक्शों की प्रक्रिया और कर वसूली जैसी व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में मिलें, तो जांच के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होती है, इस पर निगाह रहेगी।

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