खबरें शेयर करें -

खटीमा में बिखरे जनजातीय संस्कृति के रंग, एकलव्य विद्यालय को 10 करोड़ की सौगात!

आदि रंगोत्सव में थिरके सीएम धामी, कलाकारों संग बजाया ढोल; केंद्रीय मंत्रियों ने जनजातीय विकास को लेकर गिनाईं योजनाएं!

खटीमा। उत्तराखंड आदि रंगोत्सव के मंच पर रविवार को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विकास का संगम देखने को मिला। तीन दिवसीय रंगोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से खटीमा को सांस्कृतिक रंगों में रंग दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रंग में नजर आए। उन्होंने कलाकारों के साथ थिरकने के साथ ही खुद ढोल बजाकर माहौल को उत्सवमय कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि रंगोत्सव महज सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान, परंपरा और गौरव का उत्सव है।

एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ की घोषणा

कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के विस्तार और सुविधाओं के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। विद्यालय में 240 छात्र और 240 छात्राओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का आग्रह किया।

जुएल ओराम ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया था। उन्होंने पीएम-जनमन, धरती आबा अभियान और एकलव्य विद्यालयों के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे बजटीय प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

खटीमा को बताया ‘मिनी इंडिया’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रोड शो के दौरान खटीमा में देश की विविध संस्कृतियों के रंग दिखाई दिए। उन्होंने खटीमा को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए कहा कि जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और आवास निर्माण की लागत भी बढ़ाई गई है। ऊधम सिंह नगर में इस योजना के तहत तीन करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दिए जाने की बात उन्होंने कही। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में करीब 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय समाज के परिवारों के होने का दावा भी मुख्यमंत्री ने किया।

पीएम-जनमन आवास योजना के तहत प्रथम चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवासों का निर्माण पूरा होने की जानकारी भी दी गई।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई के विकास के लिए सरकार धनराशि उपलब्ध करा रही है। बाजपुर में 100 बेड के बालक छात्रावास, विद्यालय निर्माण और बालिका छात्रावास के लिए स्वीकृत धनराशि का भी उन्होंने उल्लेख किया। थारू राजकीय इंटर कॉलेज के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण की जानकारी भी दी।

जनजातीय समाज को रोजगार से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण, उत्पादों की मार्केटिंग और रिवॉल्विंग फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

एवरेस्ट फतह करने वालों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा की बेटी टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों ने थारू समाज के साथ पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखती है।

रिजिजू बोले- जनजातीय पहचान को मिला नया आयाम

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी जैसी जनजातियों की संस्कृति उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है।

रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों ने उत्तराखंड सरकार की जनजातीय कल्याण योजनाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम का पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। ‘हनुमान’ अंश फिल्म के कलाकारों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, खजान दास, राम सिंह केड़ा समेत कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो

उत्तराखंड