

32 किमी दूर से पहुंची भावना, बर्थ वेटिंग होम ने आसान किया सुरक्षित मातृत्व का सफर!
कैंची धाम के जाम और पहाड़ी दूरी के बीच गर्भवती महिलाओं को राहत, सीएमओ डॉ. रश्मि पंत की पहल से समय से पहले स्वास्थ्य केंद्र के पास पहुंचाने पर जोर!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, नैनीताल। पहाड़ों में प्रसव के दौरान अस्पताल तक समय पर पहुंचना गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। लंबी दूरी, पहाड़ी रास्ते और कैंची धाम क्षेत्र में यातायात दबाव के कारण संभावित जाम इस चुनौती को और बढ़ा देता है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत की पहल पर गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से पहले स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। बर्थ वेटिंग होम इस व्यवस्था में अहम कड़ी बनकर सामने आया है।
अल्मोड़ा जिले के विशालकोट की भावना इसका उदाहरण हैं। गरमपानी से करीब 32 किलोमीटर दूर अपने गांव में रहने वाली भावना की प्रसव की संभावित तिथि नजदीक आने पर उन्हें गरमपानी स्थित बर्थ वेटिंग होम में ठहराया गया। अस्पताल के नजदीक रहने की सुविधा मिलने से प्रसव के समय उन्हें लंबी दूरी तय करने और रास्ते में संभावित यातायात बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ा। भावना ने गरमपानी स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया।
इसी तरह सिल्टोना की हीरा देवी करीब 16 किलोमीटर दूर से बर्थ वेटिंग होम पहुंचीं। कोरल होल्स की कल्पना और हेमा देवी, जो करीब 14 किलोमीटर दूर रहती हैं, ने भी इस सुविधा का लाभ लिया। प्रसव की संभावित तिथि से पहले स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक ठहरने के बाद चारों महिलाओं का गरमपानी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया।
जाम से पहले तैयारी, यही है व्यवस्था का मकसद!
कैंची धाम क्षेत्र में यातायात दबाव और संभावित जाम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का जोर अब आपात स्थिति का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी पर है। खासकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय से पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार बर्थ वेटिंग होम में ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।
आशा और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तथा उनके परिजनों को बर्थ वेटिंग होम की सुविधा की जानकारी देने और प्रसव की संभावित तिथि से पहले जरूरत के मुताबिक उन्हें वहां पहुंचाने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। बर्थ वेटिंग होम के माध्यम से प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को प्रसव के समय दूरी, यातायात या जाम जैसी चुनौती के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
दूर गांव की गर्भवती महिला को प्रसव के समय अस्पताल तक पहुंचाने की चुनौती को पहले से पहचानकर उसका समाधान तलाशना इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
