

नैनीताल एफटीएससी कोर्ट का फैसला: दुष्कर्म के आरोप में नरेश पाण्डे की जमानत याचिका खारिज!
शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज है मुकदमा, अदालत ने अपराध की गंभीरता और आपराधिक इतिहास को माना अहम आधार!
नैनीताल। शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म करने के आरोप में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे भवाली निवासी नरेश पाण्डे को जमानत नहीं मिली। अपर जिला जज/एफटीएससी (पॉक्सो एक्ट), नैनीताल सुधीर तोमर की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामले में एक युवती की ओर से मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी पर युवती को शादी का झांसा देकर होटल और अन्य स्थानों पर ले जाने तथा उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने का आरोप है।
बचाव पक्ष ने राजनीतिक रंजिश में फंसाने का दिया तर्क !
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की ओर से दलील दी कि वह व्यापार मंडल भवाली का अध्यक्ष है और राजनीतिक दबाव व रंजिश के चलते उसे मामले में झूठा फंसाया गया है।
बचाव पक्ष ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके खिलाफ दर्ज आठ मामलों में से तीन में वह दोषमुक्त हो चुका है। एक मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल हो चुकी है, जबकि चार मामलों में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश है। एक अन्य मामला विचाराधीन बताया गया।
अभियोजन ने जमानत का किया कड़ा विरोध!
वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील शर्मा ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन की ओर से कहा गया कि पीड़िता के बयान, गवाहों के कथन और मेडिकल साक्ष्य मामले में महत्वपूर्ण हैं।
अभियोजन ने अदालत के समक्ष यह भी तर्क रखा कि आरोपी का आपराधिक इतिहास है और जमानत पर रिहा होने की स्थिति में उसके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने अथवा फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म के मामले का भी अदालत ने लिया संज्ञान!
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखा।
अदालत के आदेश के अनुसार आरोपी पहले से एक अन्य नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में है। न्यायालय ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का भी संज्ञान लिया।
अदालत ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। अपराध की प्रकृति और उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए अपर जिला जज/एफटीएससी सुधीर तोमर ने नरेश पाण्डे की जमानत याचिका खारिज कर दी।
फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में रहेगा आरोपी!
जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी को फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में ही रहना होगा। मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। खबर में उल्लिखित आरोप अभियोजन पक्ष के कथन और न्यायालय में प्रस्तुत सामग्री पर आधारित हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
