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“खोदा पहाड़ निकली चुहिया” के बाद अब नया मोर्चा
इंद्रपुर से कृष्णा नवाड़ चौराहे तक अतिक्रमण चिन्हित करने की मांग पर अड़े ग्रामीण!
विधायक के निर्देशों के बावजूद निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर उठे सवाल, एसडीएम से मिलने की तैयारी!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। हरिपुर भानदेव क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से उठ रहे आरोपों और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग के बीच गुरुवार को हुए संयुक्त सर्वे के बाद विवाद थमने के बजाय और गहरा गया है। ग्रामीण अब इंद्रपुर चौराहे से कृष्णा नवाड़ चौराहे तक अतिक्रमण चिन्हित करने की मांग पर अड़ गए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट द्वारा पूरे ग्रामसभा क्षेत्र में निष्पक्ष कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद संयुक्त टीम ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया।
ग्राम पंचायत गंगापुर कबड़वाल के हरिपुर भानदेव क्षेत्र में ग्राम प्रधान द्वारा लंबे समय से अतिक्रमण के आरोप लगाए जा रहे थे। इसी क्रम में गुरुवार को तहसीलदार लालकुआं के आदेश पर राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। लेकिन सर्वे में कृष्णा नवाड़ और हरिपुर भानदेव मध्य मार्ग अतिक्रमण मुक्त पाए गए, जबकि हरिपुर भानदेव और राधाबंगर मार्ग पर सड़क में हाल ही में निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत अब चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया ग्रामीणों का तर्क था कि चौड़ीकरण करना ही था तो सड़क निर्माण करने से पूर्व किया जाना चाहिए था अब सड़क के डामरीकरण कार्य पूर्ण होने का बाद चौड़ीकरण का कोई औचित्य नहीं रह जाता है ग्रामीणों और लोक निर्माण विभाग की सर्वे टीम ने आपसी सहमति से
मौके पर ही फर्द  लिख कर वर्तमान सड़क पर संतुष्टि जताई गई और अतिरिक्त चौड़ीकरण पर असहमति दर्ज की गई। इसके बाद आगे की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। हालांकि सर्वे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि जहां वास्तविक अतिक्रमण नहीं था, वहां घंटों नापजोख की गई, जबकि इंद्रपुर चौराहे से कृष्णा नवाड़ चौराहे तक के उस हिस्से का चिन्हीकरण नहीं किया गया, जहां सबसे अधिक कब्जों की शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए संयुक्त टीम उक्त क्षेत्र में जाने से बचती रही।
हरिपुर भानदेव के ग्रामीणों ने साफ कहा है कि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने देना बेहद गंभीर विषय है। ग्रामीणों के अनुसार अब जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष तरीके से अतिक्रमण चिन्हित कराने की मांग करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। गांव में अतिक्रमण का मुद्दा अब पूरी तरह सामाजिक और राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है।

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