कैलाशानंद ट्रस्ट की सभी संपत्तियाँ अब बीकेटीसी के हवाले।
हाईकोर्ट ने दिया ऐतिहासिक आदेश,
विवाद सुलझने तक समिति होगी आधिकारिक रिसीवर।
दर्पण न्यूज 24×7, नैनीताल।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लक्ष्मण झूला स्थित कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सभी चल-अचल संपत्तियों मंदिर, धर्मशाला, गौशाला सहित—का प्रबंधन श्रीबद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को सौंपने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने 11 वर्ष से लंबित 2014 के विवाद पर प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।
गौरतलब है कि ट्रस्ट की संपत्तियों पर अधिकार को लेकर यह विवाद 2014 में देहरादून जिला न्यायालय में सामने आया था। हाईकोर्ट ने माना कि बीकेटीसी, 1939 के अधिनियम संख्या-16 के अंतर्गत गठित एक वैधानिक निकाय है और ट्रस्ट की संपत्तियों के संरक्षण तथा संचालन के लिए सबसे उपयुक्त संस्था है।
न्यायालय ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए वित्तीय व्यवस्था, संपत्ति प्रबंधन, लेखांकन, खरीद प्रक्रिया, स्टाफ संचालन, कानूनी प्रतिनिधित्व और जनसंपर्क से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी बीकेटीसी को सौंपी है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विवाद के अंतिम निस्तारण तक बीकेटीसी ही कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सभी संपत्तियों की आधिकारिक रिसीवर रहेगी।
