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अमेरिका ने वेनेजुएला पर किया हमला

ट्रंप ने किया राष्ट्रपति मादुरो को पकड़ने का दावा।

> राजधानी काराकस में आधी रात के बाद की बमबारी > साम्राज्यवादी हमले का विरोध करने का आह्वान।

काराकस (वेनेजुएला)। अमेरिका

ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया। अमेरिका ने कहा कि महीनों से दबाव बनाए जाने के बाद अंततः देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है तथा देश से बाहर ले जाया गया है।

अमेरिका ने इसे एक असाधारण रात्रिकालीन अभियान बताया जिसकी घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर की। वहीं, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा कि मादुरो, उनकी पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा, हम उनके जीवित होने का सबूत चाहते हैं। वेनेजुएला की राजधानी

काराकस में कम ऊंचाई पर उड़ते कई विमानों और कम से कम सात विस्फोटों की आवाज सुनी गई।

शुक्रवार देर रात स्थानीय समयानुसार करीब दो बजे हुई इस घटना को लेकर टिप्पणी करते हुए वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका पर कई राज्यों में सैन्य तथा सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले करने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की सरकार ने इसे साम्राज्यवादी हमला करार दिया और नागरिकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। अभी यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि देश का शासन किसके हाथ में है और मादुरो कहां हैं इस बारे में भी तुरंत जानकारी नहीं मिली है। ट्रंप ने 4:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) के बाद ‘ट्रुथ सोशल’ पर

इन घटनाक्रमों की घोषणा की। ट्रंप ने कहा, मदुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर भेज दिया गया है। यह अभियान अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया। विस्तृत जानकारी जल्द दी जाएगी।

काराकस में एक सैन्य अड्डे से धुआं उठता देखा गया। राजधानी के एक अन्य सैन्य प्रतिष्ठान में बिजली गुल रही। विभिन्न इलाकों में लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस हमले में कोई हताहत हुआ है या

नहीं। यह हमला 30 मिनट से भी कम समय तक चला, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि आगे और भी कार्रवाई होगी या नहीं। हालांकि ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि हमले सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए। विस्फोटों से पहले लगातार सैन्य गतिविधि के कारण अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर दबाव बढ़ाया है। ट्रंप ने मादुरो पर अमेरिका में नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद का सहारा लेने का आरोप लगाया है। पिछले हफ्ते वेनेजुएला के मादक पदार्थ गिरोहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक ‘डॉकिंग’ (बंदरगाह) क्षेत्र पर अमेरिका खुफिया एजेंसी सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) ने ड्रोन हमला किया था। सितंबर में अमेरिका द्वारा हमले शुरू किए जाने के बाद से वेनेजुएला की धरती पर यह पहला ज्ञात प्रत्यक्ष अभियान था। ट्रंप महीनों से धमकी दे रहे थे कि मादक पदार्थ ले जाने वाली नौकाओं पर हमला करने के बाद वह जल्द वेनेजुएला की धरती पर स्थित इस तरह के (मादक पदार्थ) ठिकानों पर हमले का आदेश दे सकते हैं।मादुरो ने अमेरिकी सैन्य अभियानों की निंदा करते

हुए उन्हें सत्ता से बेदखल करने का एक छिपा हुआ

प्रयास बताया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के

मुख्यालय पेंटागन से जब इस मामले में टिप्पणी

करने का अनुरोध किया गया तो उसने यह अनुरोध

‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का

आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) से करने को

कहा। ‘व्हाइट हाउस’ ने इस मामले में कोई

प्रतिक्रिया नहीं दी। इस बीच, अमेरिकी संघीय

विमानन प्राधिकरण (एफएए) ने जारी सैन्य

गतिविधि का हवाला देते हुए काराकस में विस्फोटों

से पहले वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी

वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया। इस

बीच, एक कार्यालय में काम करने वाली 21 वर्षीय

कारमेन हिडाल्गो ने कांपती आवाज में कहा, पूरी

जमीन हिल गई। यह बहुत भयानक है। हमने

विस्फोटों और विमानों की आवाज सुनी। सरकार

ने एक बयान जारी कर अपने समर्थकों से सड़कों

पर उतरने का आह्वान किया। बयान में कहा गया,

लोग सड़कों पर उतरें ! बोलिवेरियन सरकार देश

की सभी सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से

आह्वान करती है कि वे लामबंदी योजनाओं को

सक्रिय करें और इस साम्राज्यवादी हमले का

विरोध करें। बयान में कहा गया कि वेनेजुएला के

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सभी राष्ट्रीय रक्षा

योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए हैं और बाह्य

व्यवधान की स्थिति घोषित की है। शुक्रवार को

वेनेजुएला ने कहा था कि वह मादक पदार्थों की

तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ एक

समझौते पर बातचीत के लिए तैयार है। वेनेजुएला

के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने पहले से रिकॉर्ड किए

गए और बृहस्पतिवार को प्रसारित एक साक्षात्कार

में कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला में सरकार

बदलने के लिए दबाव बनाना और उसके विशाल

तेल भंडार तक पहुंच हासिल करना चाहता है।

उन्होंने कहा था कि दबाव बनाने का यह अभियान

अगस्त में कैरिबियाई सागर में बड़े पैमाने पर

अमेरिकी सैन्य तैनाती के साथ शुरू हुआ था और

कई महीनों से जारी है।

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