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कानून व्यवस्था ध्वस्त, एडीजी मुरुगेशन पर गुस्सा फूटा!
“ऑफिस में बैठ कुर्सी की शोभा बढ़ा रहे मुरुगेशन, उत्तराखंड बना माफियाओं का गढ़”!
बदमाशों से ज्यादा पुलिस के आतंक से डरी जनता : जन संघर्ष मोर्चा!
देहरादून।
प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील विकासनगर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अपर पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) वी. मुरुगेशन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की नाकामी को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार को सौंपा।
मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि एडीजी वी. मुरुगेशन की निकम्मी कार्यशैली और लापरवाही के चलते उत्तराखंड में माफियाओं और अवैध कारोबारियों का साम्राज्य स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो चुके हैं कि बदमाशों से ज्यादा जनता पुलिसिया आतंक से डर रही है।
नेगी ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में पुलिस द्वारा लूट-खसोट की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात इतने भयावह हैं कि पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर लोग आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सिर्फ ऑफिस में बैठ कुर्सी की शोभा बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिन-दहाड़े आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, माफियाओं की खुलेआम आमद बढ़ चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी का पुलिस पर कोई नियंत्रण नजर नहीं आता। हाल ही में एक किसान आत्महत्या मामले में निलंबित दरोगा की एसीआर लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लेकिन इसकी जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
नेगी ने कहा कि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का कर्तव्य है कि वे समय-समय पर आम जनता से सीधा संवाद करें, ताकि पुलिस की वास्तविक कार्यशैली सामने आ सके और जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके। लेकिन उनके गैर-जिम्मेदाराना रवैये से सरकार की छवि भी लगातार धूमिल हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई मैदानी जनपदों में जानलेवा चाइनीस मांझा खुलेआम बिक रहा है, नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन इन गंभीर मुद्दों पर एडीजी का कोई ध्यान नहीं है। कई ईमानदार और कर्मठ पुलिस अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, मगर उन्हें संरक्षण देने वाला कोई नहीं है।
तंज कसते हुए नेगी ने कहा कि वी. मुरुगेशन को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के बजाय एडीजी वीआईपी ट्रीटमेंट बनाया जाना चाहिए। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो यह मुद्दा सरकार के समक्ष और जोर-शोर से उठाया जाएगा।
प्रदर्शन में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, राम सिंह तोमर, मुजीबरहमान सलीम, हाजी असद, रूपचंद, जयकृत नेगी, के.सी. चंदेल, राजेंद्र पंवार, सफदर, युवराज तोमर, मान चंद राणा, इदरीश, नाथीराम, अतुल हांडा, विनोद रावत, शहजाद, विक्रम पाल, यूनुस, प्रमोद शर्मा, भजन सिंह नेगी, निशा खातून, गोविंद सिंह नेगी, गौरव लोधा, सरोज गांधी, जयपाल सिंह, प्रकाश पाठक, दरबान सिंह असवाल, नानक सिंह, सायरा बानो, अंकुर चौरसिया, शमशाद, इमरान, परवीन, दिनेश राणा, गफूर, नाहिद खान, जाबिर हसन, दिनेश गुप्ता, संतोष शर्मा, सफीक पांडे, जसवीर, संध्या गुलरिया, क्रिस्टीना, भूरा, नसीम, सुनील सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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