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दर्पण न्यूज़ 24/7 | हमारे पर्व – हमारे त्यौहार (पर्व विशेष)
आयो नवल बसंत सखी, ऋतुराज कहावें,
डार-डार फूलन लागे, कली-कली मुस्कावें।
कोयल बोले कुहू-कुहू, भंवरन गुंजन गावें,
रंग बिरंगे फूल खिले, वन-उपवन महकावें।
ऋतुराज बसंत का आगमन प्रकृति की सुंदरता और मानवीय स्नेह का उत्सव है। चारों ओर खिलते फूल, चहकती कोयल, गूंजते भंवरे और सरसों के पीले खेत मानो यह संदेश देते हैं कि जीवन फिर से मुस्कुराने लगा है। इसी उल्लास और नवजीवन की भावना को शब्दों में पिरोता है —
“आयो नवल बसंत सखी, ऋतुराज कहावें।”
🌺 बसंत पंचमी: ज्ञान, प्रेम और सृजन का पर्व
बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा ने सरस्वती देवी का आविर्भाव किया और उनकी वीणा की ध्वनि से सृष्टि में चेतना और जीवन का संचार हुआ।
इस दिन श्रद्धालु “सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि, विद्यारंभं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा”,
“ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” और
“या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता…”
जैसे मंत्रों का जाप करते हैं। इन मंत्रों से बुद्धि, विद्या, एकाग्रता और रचनात्मकता बढ़ती है।
🌼 बसंत से होली तक: उल्लास की पूरी यात्रा
बसंत पंचमी से लेकर होली तक का काल श्रृंगार, प्रेम और आनंद से जुड़ा होता है। बसंत पंचमी जहां ऋतु के आरंभ का प्रतीक है, वहीं होली इसके समापन का। दोनों पर्व मिलकर बसंत ऋतु की पूरी यात्रा को पूर्ण करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान कृष्ण ने राधा को उपहार दिया था। यही वह दिन भी माना जाता है जब शिव ने कामदेव को भस्म किया और बाद में रति की प्रार्थना पर उन्हें पुनर्जीवन दिया।
💛 पीला रंग: ताजगी, ऊर्जा और नई शुरुआत
बसंत पंचमी का प्रमुख रंग पीला है। सरसों के पीले खेत, सूर्य की सुनहरी किरणें और प्रकृति की नई हरियाली इस रंग को समृद्धि, सकारात्मकता और नवजीवन का प्रतीक बनाती हैं।
श्रीकृष्ण द्वारा पीतांबर धारण कर सरस्वती पूजा करने की मान्यता के कारण पीले वस्त्र पहनना और पीले पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।
मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी पीला रंग दिमाग को सक्रिय करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और अवसाद को कम करता है।
📚 शुभ आरंभ का दिन
बसंत पंचमी बच्चों की शिक्षा आरंभ (विद्यारंभ), नए कार्यों की शुरुआत, जनेऊ संस्कार, विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। यह दिन जीवन के अंधकार को दूर कर सफलता और उजास का मार्ग प्रशस्त करता है।
दर्पण न्यूज़ 24/7
हमारे पर्व – हमारे त्यौहार
🌸 आइए,  बसंत पंचमी पर ज्ञान, प्रेम और सृजन की देवी मां सरस्वती की आराधना कर ऋतुराज बसंत का हर्षोल्लास के साथ स्वागत करें! 🌸

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