बालेन शाह की पार्टी नेपाल चुनाव में प्रचंड जीत की ओर!
काठमांडू। बालेन्द्र शाह (बालेन) की नवगठित राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल में हुए आम चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। सितंबर में जेनरेशन-ज़ेड युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार गिरने के बाद यह नेपाल का पहला आम चुनाव है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार कुल 165 में से 144 निर्वाचन क्षेत्रों के रुझानों में आरएसपी तीन सीटें जीत चुकी है और 104 सीटों पर आगे चल रही है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाली कांग्रेस दो सीटें जीत चुकी है और 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सीपीएन-यूएमएल 10 सीटों पर आगे है। वहीं नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी एक सीट जीतकर छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
माना जा रहा है कि इन परिणामों से राजनीतिक रूप से अस्थिर नेपाल को एक मजबूत सरकार मिल सकती है। पिछले 18 वर्षों में नेपाल में 14 सरकारें बदल चुकी हैं।
नेपाल के इन चुनावों पर भारत की भी करीबी नजर रही। भारत को उम्मीद है कि हिमालयी देश में स्थिर सरकार बनने से दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में कहा कि भारत नेपाल की शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन करता रहा है और नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद करता है।
पूर्व में काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन्द्र शाह काठमांडू-5 सीट से चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के खिलाफ बढ़त बनाए हुए हैं। शुरुआती रुझानों में शाह को 6,551 वोट मिले, जबकि ओली को 1,428 वोट प्राप्त हुए।
35 वर्षीय इंजीनियर बालेन पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ जेन-ज़ेड युवाओं के दो दिन चले उग्र प्रदर्शनों के बाद काफी लोकप्रिय हुए थे। उन प्रदर्शनों के बाद ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर गई थी।
उस समय बालेन को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा कि वे पूर्ण कार्यकाल के लिए चुनाव लड़कर ही सरकार का नेतृत्व करना चाहते हैं।
जनवरी में उन्होंने रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ा और उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। काठमांडू की सभी 10 सीटों पर भी आरएसपी बढ़त बनाए हुए है।
नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए हुए इस चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के बाद गुरुवार रात से मतगणना शुरू हुई और इसके शुक्रवार रात तक पूरा होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछले साल 8 और 9 सितंबर को जेन-ज़ेड युवाओं के देशव्यापी उग्र प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री ओली को पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा भंग कर सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया था।
इन आंदोलनों में युवाओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, सुशासन, भाई-भतीजावाद खत्म करने और राजनीतिक नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की मांग उठाई थी।
