एसआईआर से पहले 90 हजार सर्विस मतदाताओं को चुनना होगा एक वोट।
देहरादून।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने से पहले करीब 90 हजार सर्विस मतदाताओं को बड़ा फैसला लेना होगा। उन्हें यह तय करना होगा कि वे सर्विस मतदाता बने रहेंगे या गांव–शहर की मतदाता सूची में नाम रखेंगे। वहीं, जिन सामान्य मतदाताओं के वोट गांव और शहर—दोनों जगह दर्ज हैं, उन्हें भी किसी एक स्थान से नाम कटवाना अनिवार्य होगा।
चुनाव आयोग के अनुसार दो जगह वोट रखना कानूनी अपराध है और एसआईआर के दौरान पकड़ में आने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कार्रवाई हो सकती है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल लोकसभा व विधानसभा चुनावों की वोटर लिस्ट से जुड़ी है, पंचायत या नगर निकाय चुनावों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
