बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर टूटी चुप्पी , 6 जुलाई तक का अल्टीमेटम, फिर जनआंदोलन की चेतावनी!
प्रमोद बमेटा | ब्यूरो | दर्पण न्यूज 24/7
हल्दूचौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सक के संभावित कार्यमुक्त होने और स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडरा रहे संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब जनप्रतिनिधियों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। दर्पण न्यूज 24/7 द्वारा इस गंभीर जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों और संभावित विधानसभा दावेदारों का ध्यान आकर्षित किया गया था। इसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकू पाठक ने शासन-प्रशासन को 6 जुलाई तक का अल्टीमेटम देते हुए स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।
रिंकू पाठक ने कहा कि यदि विशेषज्ञ चिकित्सक को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्यमुक्त किया गया तो हल्दूचौड़ सहित पूरे लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होंगी। उन्होंने मांग की कि जब तक समान स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 6 जुलाई तक शासन ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के मुद्दे पर अब जनप्रतिनिधियों की सक्रियता शुरू होती दिखाई दे रही है। हालांकि बड़ा सवाल अभी भी कायम है कि क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे अन्य दावेदार इस जनहित के मुद्दे पर कब खुलकर अपनी भूमिका निभाएंगे।
क्षेत्र की जनता की निगाहें अब शासन के फैसले के साथ-साथ उन जनप्रतिनिधियों पर भी टिकी हैं, जो जनसेवा का दावा करते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
