शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने देखा ‘आंचल’ का दूध उत्पादन: मशीनरी से लेकर क्वालिटी टेस्टिंग तक समझी पूरी प्रक्रिया
दुग्धशाला भ्रमण में बच्चों ने सीखी वैज्ञानिक तकनीकें, अधिकारियों ने दी शुद्ध दुग्ध उत्पाद पहचानने की जानकारी
लालकुआँ। नैनीताल आंचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल, हल्द्वानी के 90 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मुख्य दुग्धशाला का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस औद्योगिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को दूध एवं दुग्ध उत्पादों के उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और आधुनिक परीक्षण तकनीकों की जानकारी देना था।
छात्र-छात्राओं ने आंचल दूध, घी, मक्खन, पनीर, छाछ, मठ्ठा, खोवा, लस्सी और क्रीम के निर्माण की पूरी प्रक्रिया का लाइव अवलोकन किया। आधुनिक प्लांट में उपयोग होने वाली हाई-टेक मशीनरी, स्वच्छता मानकों और हाइजीनिक पैकेजिंग सिस्टम को देखकर बच्चे उत्साहित दिखे। कई विद्यार्थियों के लिए यह पहली बार किसी बड़े औद्योगिक संयंत्र को करीब से देखने का अनुभव था।
दुग्ध संघ के प्रशासन/विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी ने बच्चों को बाजार में उपलब्ध मिलावटी या रासायनिक मिश्रण वाले दूध और उत्पादों से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आंचल उपभोक्ता सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन करता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्पादन तकनीक, परीक्षण प्रयोगशालाओं और गुणवत्ता जांच प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों ने सभी प्रश्नों के सरल और रोचक तरीके से उत्तर दिए। छात्रों ने इस अनुभव को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें दुग्ध उद्योग की बारीकियों को समझने में मदद मिली।
कार्यक्रम में सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, वित्त प्रभारी उमेश पठालनी, कारखाना प्रबंधक धर्मेन्द्र सिंह राणा, विजय चौहान, मनोज कुमार, सुमित पांडे और संजय तिवारी मौजूद रहे। विद्यालय की ओर से शिक्षिका शिखा वर्मा, शालिनी जोशी और शिक्षक दिवाकर राणा शामिल हुए।
