

हल्द्वानी में खाद्य कारोबारियों पर कसा शिकंजा, 22 मामलों में ₹3.70 लाख का जुर्माना!
अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार से लेकर अधोमानक दूध, पनीर, घी मांस और खोया बेचने पर की ये बड़ी कार्रवाई।
हल्द्वानी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय न्याय निर्णयन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी, नैनीताल में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के बाद 22 विपक्षी पक्षों पर कुल 3 लाख 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। कार्रवाई में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण-विक्रय, बिना अनुज्ञप्ति कारोबार, अधोमानक दूध-पनीर-घी-खोया की बिक्री, कालातीत खाद्य सामग्री तथा मिथ्याछाप उत्पादों से जुड़े मामले शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान सती मिष्ठान भंडार, पीलीकोठी से जुड़े अर्चित सती पर अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकारी परिस्थितियों में मिठाइयों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के मामले में 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं सरस्वती स्नैक्स, भोटियापड़ाव की सोनी बिष्ट पर खाद्य पदार्थों के अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण एवं बिक्री के लिए 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
बनभूलपुरा निवासी इश्तयाक अहमद पर बिना पंजीकरण के अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने पर 15 हजार रुपये, जबकि बड़ी मुखानी स्थित माँ वैष्णो कम्युनिकेशन एवं पतंजलि स्टोर के शुभम गुप्ता पर कालातीत खाद्य सामग्री बेचने के मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
हरिपुर कर्नल वार्ड, हाईडिल गेट स्थित वी मार्ट रिटेल लिमिटेड पर खाद्य अनुज्ञप्ति में अपूर्ण एवं भ्रामक सूचना देने के मामले में सबसे अधिक 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं नगला, बाजपुर निवासी गुरमीत सिंह पर अधोमानक दूध बेचने के मामले में 15 हजार और कृष्णा डेयरी, भगवानपुर जयसिंह की ज्योति यादव पर अधोमानक दूध की बिक्री के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
ज्योलीकोट के जफर फिश शॉप से जुड़े मो. शमी और मो. जफर पर बिना अनुज्ञप्ति खाद्य कारोबार करने के मामले में 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। रेलवे बाजार स्थित पूर्णानन्द-अम्बादत्त फुलारा प्रतिष्ठान से जुड़े पियूष फुलारा और हरिश फुलारा पर प्रतिष्ठान में गंदगी और पंजीकरण में सही पता दर्ज न होने के मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कमलुवागांजा रोड, कुसुमखेड़ा स्थित मदर डेयरी प्वाइंट के प्रियंक जायसवाल पर अधोमानक पनीर बेचने के मामले में 15 हजार रुपये, जबकि रामपुर रोड निवासी राम शर्मा पर खुला अधोमानक घी बेचने के मामले में 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसके अलावा बिना अनुज्ञप्ति खाद्य कारोबार करने वाले कई कारोबारियों पर भी कार्रवाई हुई। धनमूलपुरा के मोहित पाल पर पांच हजार, गोधीनगर के बबलू पाल एवं बलवंत पाल पर 10 हजार, गोधीनगर के हीरा सिंह पाल पर 10 हजार तथा इंद्रानगर पूर्वी निवासी फेजुद्दीन पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
मोटाहल्दू-लालकुआं स्थित झम्मन पाल झटका मटन एंड चिकन शॉप से जुड़े अजय पाल पर बिना अनुज्ञप्ति अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने पर पांच हजार रुपये, जबकि कालाढूंगी निवासी नवीन पाल पर इसी तरह के मामले में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कालाढूंगी के सुन्दर लाल मटन शॉप पर मानकों के विपरीत अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
सरस्वती विहार, लालडांठ स्थित दुबे नमकीन एवं गजक भंडार के रोहित दुबे पर मिथ्याछाप गजक बेचने के मामले में 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कपिलाज स्टील्स एवं रेस्टोरेंट तथा खंडेलवाल रॉयल प्रोडक्ट्स, बरेली पर पैक्ड मिथ्याछाप सिल्वर लीव्स के निर्माण एवं बिक्री के मामले में 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वहीं कपिलाज स्टील्स एवं रेस्टोरेंट, हल्द्वानी पर अधोमानक खुले खोये की बिक्री के मामले में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कालाढूंगी निवासी शंकर पाल पर बिना अनुज्ञप्ति अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि खाद्य कारोबार में स्वच्छता, गुणवत्ता और वैध अनुज्ञप्ति की अनदेखी अब कारोबारियों को महंगी पड़ सकती है। खासकर दूध, पनीर, घी, खोया, मिठाई और मांस जैसे खाद्य पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को सामने लाती है। सवाल यह भी है कि जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, वहां भविष्य में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निगरानी कितनी प्रभावी रहती है।
