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वन निगम की लंबित निविदा दरों पर व्यवसायियों का आक्रोश, 2026-27 की निविदाओं के बहिष्कार का ऐलान।

कुमाऊं मंडल में वन निगम व्यवसायी संगठन का गठन, पूरन सिंह बिष्ट अध्यक्ष और दीप चंद्र जोशी महासचिव चुने गए।

हल्द्वानी। वन विकास निगम से जुड़े व्यवसायियों और ढुलानकर्ताओं ने वर्ष 2025-26 की निविदा दरों की स्वीकृति और लंबित भुगतान को लेकर नाराजगी जताते हुए अब आर-पार की रणनीति का ऐलान किया है। हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा स्थित आदित्य बैंक्विट हॉल में हुई बैठक में व्यवसायियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक पिछली निविदाओं की दरें स्वीकृत कर लंबित भुगतान और समायोजन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तब तक वर्ष 2026-27 में वन विकास निगम की ओर से जारी होने वाली निविदाओं में भाग नहीं लिया जाएगा।

व्यवसायियों का कहना है कि निविदा दरों की स्वीकृति और भुगतान लंबित रहने से उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा के बाद आगामी निविदाओं के बहिष्कार का फैसला लिया गया।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पश्चिमी क्षेत्र रामनगर और कुमाऊं क्षेत्र हल्द्वानी के अंतर्गत आने वाले सभी डिवीजनों पर लागू होगा। इनमें कालाढूंगी पूर्वी, कालाढूंगी पश्चिमी, रामनगर पूर्वी, हल्द्वानी पूर्वी और टनकपुर सहित कुमाऊं मंडल के अन्य संबंधित डिवीजन शामिल हैं। संगठन का कहना है कि लंबित भुगतान का समाधान होने तक आगामी निविदा प्रक्रिया में व्यवसायियों की भागीदारी नहीं होगी।

पूरन सिंह बिष्ट को कमान, दीप चंद्र जोशी महासचिव

बैठक में वन निगम व्यवसायी संगठन कुमाऊं मंडल की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। पूरन सिंह बिष्ट को अध्यक्ष और दीप चंद्र जोशी को महासचिव चुना गया। करन सिंह सजवान और डॉ. निशांत पपने को उपाध्यक्ष, जबकि राहुल गांधी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

दया किशन भट्ट और भुवन पनेरू सचिव तथा दीवान सिंह परिहार और मो. अकरम उपसचिव बनाए गए। प्रेमपाल गंगवार, मुक्तयार खां, रमेश बिष्ट और कुंदन बोहरा को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। विजय तिवारी, राजेश कांडपाल, मनजीत सिंह और नवीन दानू को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।

बैठक में मौजूद व्यवसायियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य वन निगम से जुड़े व्यवसायियों और ढुलानकर्ताओं की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाना और लंबित भुगतान सहित अन्य मुद्दों के समाधान के लिए एकजुट प्रयास करना है।

बैठक में अशोक पंत, सूरज पडियार, मोहन चंद्र गढ़कोटी, कुंडल चंद्र, चंदन राम आर्य, किशोर चंद्र, विजय तिवारी, योगेश जोशी, प्रेमपाल गंगवार, मो. अकरम, मनजीत सिंह, करन सिंह सजवान, ठाकुर सिंह जिमिवाल, कुंदन बोहरा, राजेश कांडपाल, रविंद्र कापड़ी, जुनेद आलम, अतीक खान, हरिश्चंद्र भट्ट, दिनेश चंद्र गढ़कोटी, आफाक खान, अमृत पाल सिंह, मो. असलम, दीवान सिंह परिहार, राहुल गांधी, आरएस बिष्ट और दया किशन भट्ट समेत अन्य व्यवसायी मौजूद रहे।

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