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हल्दूचौड़ में पहली महिला रामलीला का भव्य आगाज़, ‘नारद मोह’ से ‘रावण दरबार’ तक सजी सांस्कृतिक छटा!
नारी शक्ति ने संभाली रामलीला की कमान, “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजा वातावरण!
दर्पण न्यूज 24/7हल्दूचौड़। हल्दूचौड़ में पहली बार महिला पात्रों द्वारा आयोजित रामलीला मंचन का शुभारंभ अत्यंत भव्य, आकर्षक और भक्तिमय वातावरण में हुआ। “मेरा सपना मेरी कोशिश” सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति की इस अनूठी पहल ने न केवल सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, बल्कि नारी शक्ति के सशक्त रूप को भी मंच पर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य संतों के सानिध्य में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि  महामंडलेश्वर महालक्ष्मी मंदिर बेड़ीपड़ाव सोमेश्वर यति  एवं हरे राम हरे कृष्ण मंदिर के संस्थापक  रामेश्वर दास महाराज ने विधिवत उद्घाटन कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की।
नारी शक्ति ने संभाली रामलीला की बागडोर!
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष त्रिलोचन पाठक उर्फ रिंकू ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को मंच प्रदान कर समाज में संस्कृति, संस्कार और मर्यादा के मूल्यों का प्रसार करना है।
महिला कार्यकारिणी अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति दुम्का ने कहा कि महिलाओं का बढ़-चढ़कर भाग लेना इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।
मंचन ने बांधा समा!
प्रथम दिवस पर “नारद मोह” से लेकर “रावण दरबार” तक के प्रसंगों का जीवंत और प्रभावशाली मंचन किया गया।
नारद की भूमिका मानता कर्नाटक और रावण का पात्र तनुजा जोशी ने निभाया, जिनके सशक्त अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संगीत और निर्देशन ने बढ़ाया आकर्षण
निर्देशक लीलाधर भट्ट के कुशल निर्देशन में मंचन अत्यंत प्रभावी रहा। तबला वादक दीपक भट्ट और हारमोनियम वादक हरीश जोशी ने संगीत के माध्यम से प्रस्तुति को जीवंत बना दिया।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़!
“जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर इस अनूठी पहल की सराहना की।
संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल!
महिलाओं द्वारा प्रस्तुत यह रामलीला न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि हमारी परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को संजोने की प्रेरणादायक पहल भी है।
हल्दूचौड़ की यह शुरुआत आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण का नया उदाहरण बन सकती है।

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