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मानसून में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट!
दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवतियों की लाइन लिस्टिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश, बर्थ वेटिंग होम के प्रभावी उपयोग पर जोर!

दर्पण न्यूज 24/7 नैनीताल ।

मानसून के दौरान दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जनपद के सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधीक्षकों को गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध एएनसी सेवाएं, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रभावी रेफरल व्यवस्था और संभावित जटिलताओं के तत्काल उपचार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ ने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि दूरस्थ, दुर्गम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्ट तैयार की जाए। आशा एवं एएनएम के माध्यम से उनका नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करते हुए समय पर एएनसी परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
हर गर्भवती का बनेगा बर्थ प्लान
स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए बर्थ प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रसव स्थल, अस्पताल तक पहुंचने के लिए परिवहन की व्यवस्था, संभावित रक्तदाता और आपातकालीन संपर्क विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं संभावित प्रसव तिथि के आधार पर उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान और नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में विशेष निगरानी और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी संभावित जटिलता से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवतियों को समय से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों, भूस्खलन या मानसूनी मौसम के कारण स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच प्रभावित होने की आशंका रहती है, वहां की गर्भवती महिलाओं को उनकी प्रसव तिथि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार समय रहते बर्थ वेटिंग होम अथवा प्रसव केंद्रों के नजदीक स्थित स्वास्थ्य इकाइयों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
इसका उद्देश्य प्रसव के ऐन वक्त पर सड़क बंद होने या अन्य आपात परिस्थितियों के कारण चिकित्सा सुविधा मिलने में होने वाली देरी को रोकना है।
बर्थ वेटिंग होम में भोजन, दवा और स्वास्थ्य जांच की हो समुचित व्यवस्था
सीएमओ ने मानसून के दौरान बर्थ वेटिंग होम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों की ऐसी गर्भवती महिलाओं की पहले से पहचान की जाए, जिनके लिए प्रसव के समय स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बर्थ वेटिंग होम में महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा, आवश्यक दवाओं और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि बर्थ वेटिंग होम महज ठहरने की व्यवस्था नहीं, बल्कि मातृ एवं नवजात सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेषकर मानसून और आपदा संभावित परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले सुरक्षित स्थान पर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इससे समय पर संस्थागत प्रसव और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सकेगा।
दर्पण न्यूज 24/7 | नैनीताल

उत्तराखंड