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यहां हथियारों का जखीरा बरामद, स्विफ्ट कार से चार असलहे, 237 कारतूस और सात फर्जी लाइसेंस पकड़े।

दर्पण न्यूज 24/7 | काशीपुर

काशीपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट कार से हथियारों और कारतूसों का भारी जखीरा बरामद किया है। कार से चार असलहे, 237 जिंदा कारतूस और सात कथित फर्जी शस्त्र लाइसेंस मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

जानकारी के अनुसार एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि कटोराताल पुलिस चौकी क्षेत्र के पक्का कोट स्थित एक निजी पार्किंग में खड़ी स्विफ्ट कार संख्या यूके-18 पी-5046 में हथियार रखे गए हैं। सूचना पर मंगलवार देर रात निरीक्षक एमपी सिंह और अरुण कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर वाहन की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान कार से एक 12 बोर पंप एक्शन गन, एक .22 बोर सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और एक .32 बोर रिवॉल्वर बरामद हुई। इसके अलावा विभिन्न बोर के 237 जिंदा कारतूस तथा सात संदिग्ध फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किए गए।

प्रारंभिक जांच में मुकदमे में नामजद अभियुक्तों के रूप में सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल पुत्रगण राकेश अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल, निवासी काशीपुर के नाम सामने आए हैं। एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों का वास्तविक स्वामी कौन है, इन्हें कहां से लाया गया और किस उद्देश्य से रखा गया था।

जांच एजेंसियां हथियारों के स्रोत, फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाले नेटवर्क और इनके संभावित उपयोग की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि मामला किसी संगठित आपराधिक गिरोह, हथियार तस्करी नेटवर्क अथवा अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़ा तो नहीं है।

सूत्रों के अनुसार एसटीएफ की निगरानी में कई टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक इस प्रकरण में तीन मुकदमे दर्ज कर पांच आरोपियों को अवैध शस्त्र और कूटरचित लाइसेंस के साथ जेल भेजा जा चुका है, जबकि दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

आमतौर पर शांत माने जाने वाले काशीपुर में हथियारों और कारतूसों की इतनी बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, मोहित वर्मा और सोनू पांडे समेत अन्य कर्मी शामिल रहे।