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हल्दूचौड़ आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म केंद्र की उम्मीद, सांसद अजय भट्ट से लगाई आर्थिक मदद की गुहार!

चिकित्सालय के कायाकल्प और सुरक्षा के लिए सांसद निधि से धनराशि देने की मांग, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक गिरी गोस्वामी की पहल की सराहना!

हल्दूचौड़। क्षेत्र की गरीब जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हल्दूचौड़ में पंचकर्म केंद्र स्थापित करने की मांग उठी है। इस संबंध में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गोविन्द बल्लभ भट्ट और समाजसेवी हेमंत सिंह गौनिया ने नैनीताल-उधमसिंह नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट को पत्र भेजकर सांसद निधि से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

पत्र में कहा गया है कि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हल्दूचौड़ क्षेत्र का महत्वपूर्ण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में पंचकर्म जैसी महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा शुरू होने से क्षेत्रवासियों को लाभ मिल सकता है।

डॉक्टर की पहल को बताया सराहनीय!

पत्र में चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक गिरी गोस्वामी के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई है। कहा गया है कि उन्होंने अपने निजी मासिक वेतन से पंचकर्म उपचार शुरू कराने का संकल्प लिया है। लंबे समय से अस्पताल में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे में उनकी पहल को जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

पंचकर्म कक्ष के जीर्णोद्धार की जरूरत!

सांसद को भेजे गए पत्र में पंचकर्म केंद्र शुरू करने के लिए कई बुनियादी जरूरतें भी गिनाई गई हैं। लंबे समय से बंद पड़े पंचकर्म कक्ष के दरवाजे दीमक से खराब हो चुके हैं। कमरे की रंगाई-पुताई भी लंबे समय से नहीं हुई है। इसके अलावा मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां और बेंच उपलब्ध कराने, पंचकर्म बेड, पर्दे, अलमारी तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

बाउंड्री वॉल नीची, अस्पताल की सुरक्षा पर चिंता!

पत्र में अस्पताल की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। बताया गया है कि चिकित्सालय के पीछे बनी चहारदीवारी काफी नीची है। इसके चलते कुछ लोग दीवार फांदकर अस्पताल परिसर में आते-जाते रहते हैं। इससे अस्पताल की सुरक्षा, महिला मरीजों की निजता और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। सांसद से चहारदीवारी को ऊंचा कराने के लिए भी निधि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

शासन से बजट मिलने में देरी का हवाला!

गोविन्द बल्लभ भट्ट और हेमंत सिंह गौनिया ने पत्र में कहा है कि सरकारी स्तर पर बजट स्वीकृत होने और धनराशि उपलब्ध होने में लंबा समय लग जाता है। ऐसे में सांसद निधि से आर्थिक सहायता मिलने पर पंचकर्म केंद्र को जल्द व्यवस्थित कर मरीजों के लिए सुविधा शुरू की जा सकती है।

उन्होंने सांसद अजय भट्ट से जनहित को देखते हुए चिकित्सालय के पंचकर्म कक्ष के जीर्णोद्धार, आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था और चहारदीवारी ऊंची कराने के लिए यथोचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें सांसद की पहल पर टिकी हैं।

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