

शारदा सागर में प्रवासी पक्षियों का शिकार! 12 मृत पक्षियों के साथ दो शिकारी दबोचे, एक पानी में कूदकर फरार।
सुरई रेंज के वनकर्मियों की गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई, नाव से पहुंचे थे संदिग्ध, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज।
खटीमा। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ने लगी है, लेकिन इनके संरक्षण के बीच शिकारियों की गतिविधियां भी सामने आने लगी हैं। खटीमा के शारदा सागर में वन विभाग की टीम ने शिकार की आशंका के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 मृत प्रवासी पक्षियों के साथ दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया। हालांकि, वनकर्मियों की गिरफ्त में आए दोनों में से एक आरोपी शारदा सागर के पानी में छलांग लगाकर नरकुल घास की आड़ में फरार हो गया। वन विभाग ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर बरामद पक्षियों के साथ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी, उप प्रभागीय वनाधिकारी संचिता वर्मा तथा सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरएस मनराल के निर्देशन में वनकर्मियों की टीम शारदा सागर में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जलाशय के भीतर एक संदिग्ध नाव दिखाई दी, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे।
प्रवासी पक्षियों के शिकार की आशंका पर वनकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दो लकड़ी की नावों से नरकुल घास की आड़ लेकर संदिग्ध नाव को चारों ओर से घेर लिया। टीम ने दोनों व्यक्तियों को पकड़कर तलाशी ली तो एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे से 12 मृत प्रवासी पक्षी बरामद हुए। इसके अलावा एक काली थैली में कुछ कीड़े भी मिले।
पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों ने अपनी पहचान ग्राम सिसैया बंधा निवासी रोहित कुमार पुत्र मनोज कुमार और राजू पुत्र सहेतू के रूप में बताई। वनकर्मी जब दोनों को नाव से किनारे की ओर ला रहे थे, तभी एक व्यक्ति अचानक पानी में कूद गया और नरकुल घास का सहारा लेकर फरार हो गया। वनकर्मियों ने दूसरे व्यक्ति को पकड़कर बरामद पक्षियों के साथ सुरई रेंज कार्यालय पहुंचाया।
वन्यजीव अधिनियम में मुकदमा दर्ज!
सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरएस मनराल ने बताया कि 12 मृत प्रवासी पक्षियों को कब्जे में लिया गया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार व्यक्ति के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सवाल यह भी है कि प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित ठिकानों तक शिकारियों की पहुंच कैसे हो रही है? वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद पक्षियों की प्रजाति की पहचान और उनकी मौत के कारणों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं तथा फरार व्यक्ति कब तक गिरफ्त में आता है।
