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बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के दावों पर संघर्ष समिति के कैलाश जोशी ने उठाए सवाल!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने संबंधी चर्चाओं के बीच राजस्व गांव संघर्ष समिति से जुड़े कैलाश जोशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा है कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न समाचार पत्रों और पोर्टलों में यह खबर प्रकाशित हो रही है कि मुख्यमंत्री द्वारा बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना की तैयारी पूरी कर ली गई है और इस संबंध में निर्णय लगभग तय माना जा रहा है।
कैलाश जोशी ने सवाल किया है कि यदि यह जानकारी सही है, तो जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं? साथ ही क्या वन भूमि के अनारक्षण (डीनोटिफिकेशन) संबंधी प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट, केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है?
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि राजस्व ग्राम की अधिसूचना केवल समाचार शीर्षकों या राजनीतिक घोषणाओं के आधार पर जारी नहीं होती, बल्कि इसके लिए सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पूर्ण होना आवश्यक होता है। यदि संबंधित प्रक्रियाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं तो ऐसे समाचारों का आधार क्या है और जनता के सामने वास्तविक स्थिति क्यों नहीं रखी जा रही है?
जोशी का कहना है कि बिंदुखत्ता की जनता लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने की प्रतीक्षा कर रही है, इसलिए इस मुद्दे पर स्पष्ट और प्रमाणिक जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने मीडिया से भी अपेक्षा जताई कि वह तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करे और जनता के समक्ष वास्तविक स्थिति रखे।
हालांकि, कैलाश जोशी द्वारा उठाए गए इन सवालों पर शासन अथवा प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।