








लोकगीत–लोकनृत्य में झलकी कुमाउंनी संस्कृति, उत्तरायणी मेले के दूसरे दिन छाया सांस्कृतिक रंग।
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच, हीरानगर में चल रहे उत्तरायणी मेला (घुघुतिया त्यार) संस्कृति और परंपरा की अनूठी छटा बिखेर रहा है। मेले का औपचारिक शुभारंभ गुरुवार को मेयर गजराज सिंह बिष्ट, मंच के संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर एवं अध्यक्ष खड़क सिंह बगड़वाल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मेयर गजराज बिष्ट ने कहा कि कुमाउंनी संस्कृति को नई पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उत्थान मंच के सदस्यों के अथक प्रयासों से यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित होने का आह्वान किया।
मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक जगदीश कांडपाल, राकेश जोशी और अमित गोस्वामी ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकारों ने कुमाऊंनी लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत कर सभागार में तालियों की गूंज भर दी।
सुबह खेल प्रतियोगिताओं में भी बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा।
दौड़ प्रतियोगिता परिणाम:
बालक जूनियर वर्ग: प्रथम – अनंत आर्य, द्वितीय – मो. अरहम, तृतीय – कुश पाठक
बालिका वर्ग: प्रथम – दीक्षा रावत, द्वितीय – योगिता सुयाल, तृतीय – मानवी भैसोड़ा
सीनियर बालिका वर्ग: प्रथम – बबीता तिवारी, द्वितीय – आरती, तृतीय – प्रियांशी चौधरी
बालक वर्ग: प्रथम – दिव्यांशु कालाकोटी, द्वितीय – हरेंद्र बिष्ट, तृतीय – जीत सिंह राणा
शंख बजाओ प्रतियोगिता:
जूनियर वर्ग में काश्वी बोरा, वैभव पाठक और दिव्यांशी पांडे क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे, जबकि सीनियर वर्ग में शौर्य सिंह अधिकारी, यर्थाथ पंत और कपित बिष्ट विजेता बने। दिनभर मेले में भारी भीड़ और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, देवेन्द्र तोलिया, गोपाल सिंह बिष्ट, त्रिलोक बनौली, शोभा बिष्ट, रत्ना श्रीवास्तव, भुवन चंद्र जोशी, धरम सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बोरा, हेम चंद्र भट्ट, तरुण नेगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
