

पंत विश्वविद्यालय की शिक्षा को उद्योगपरक बनाने की बड़ी पहल, इसी सेमेस्टर से लागू हुआ ब्रिज कोर्स!
500 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों का डाटाबेस तैयार, विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्टार्टअप, रोजगार और करियर की संभावनाओं का मिलेगा सीधा मार्गदर्शन!
पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, रोजगारपरक और उद्यमिता केंद्रित बनाने के लिए इसी सेमेस्टर से ब्रिज कोर्स लागू कर दिया है। इस पहल के तहत विभिन्न महाविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और सफल उद्यमियों को मेंटर एवं इंडस्ट्री गाइड के रूप में जोड़ा जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना और उनमें उद्यमिता की सोच विकसित करना समय की मांग है। यह पहल ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डिग्री के साथ उद्योगों की जरूरतों की समझ
कुलपति के अनुसार, विश्वविद्यालय के कृषि, पशुचिकित्सा, प्रौद्योगिकी, गृह विज्ञान, मत्स्य विज्ञान, कृषि व्यवसाय प्रबंधन तथा विज्ञान एवं मानविकी सहित विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों का सीधा मार्गदर्शन मिलेगा।
उद्योगपति और सफल उद्यमी विद्यार्थियों को बताएंगे कि उनके विषय से संबंधित औद्योगिक संभावनाएं क्या हैं, बाजार में किस तरह के उत्पादों और सेवाओं की मांग है, अपना स्टार्टअप कैसे शुरू किया जा सकता है और संबंधित क्षेत्र में करियर के कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर मिलेगा।
पाठ्यक्रमों को उद्योगों की मांग के अनुरूप बनाने पर जोर
इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देना ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप विकसित करना भी है। उद्योग विशेषज्ञ विश्वविद्यालय को बताएंगे कि विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए युवाओं में किन तकनीकी और व्यावसायिक कौशलों की आवश्यकता है। इन सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रमों में आवश्यक संशोधन करने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी डिग्री प्राप्त करने के बाद रोजगार और स्वरोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकें।
500 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों का डाटाबेस तैयार
कुलपति प्रो. कश्यप ने बताया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालय की प्लानिंग टीम और फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर ने संयुक्त रूप से कार्य किया है। पिछले छह माह से चल रही तैयारी के दौरान प्रत्येक महाविद्यालय के विभागों ने अपने विषयों से संबंधित देशभर के 10 से 15 प्रमुख उद्योगों और उद्यमियों की सूची तैयार की है।
इसमें कृषि, डेयरी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि यंत्र निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और एग्री-स्टार्टअप से जुड़े सफल उद्यमियों को शामिल किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय के पास 500 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों का डाटाबेस तैयार हो चुका है।
इसी सप्ताह शुरू होगा उद्योग विशेषज्ञों से संवाद
योजना के तहत उद्योग विशेषज्ञ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद करेंगे। विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में इसी सप्ताह से उद्योगपतियों और विद्यार्थियों के बीच संवाद का पहला सत्र शुरू होने जा रहा है।
पंत विश्वविद्यालय की यह पहल कृषि एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा को रोजगार, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उद्योग विशेषज्ञों के अनुभवों को पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल विकास में किस तरह प्रभावी ढंग से शामिल किया जाता है।
दर्पण न्यूज 24/7 | शिक्षा, नवाचार और रोजगार की खबरों के लिए विश्वसनीय डिजिटल मीडिया मंच।
