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आबकारी महकमे की लापरवाही पर भड़का जनाक्रोश, जिला प्रशासन को खुली चेतावनी!
तीसरे दिन भी जारी धरना, अवैध शराब-नशे के कारोबार पर कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी!
दर्पण न्यूज 24/7, हल्द्वानी।
लामाचौड़ चौराहे के पास अवैध जहरीली शराब, स्मैक और चरस की खुलेआम बिक्री के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन और अधिक उग्र हो गया। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में आबकारी महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन को सीधी चेतावनी दे डाली है।
सनातन जागृति ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन पाण्डे और क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना पाण्डे के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में अब जनाक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आबकारी विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासन की ढिलाई के चलते क्षेत्र नशे का अड्डा बनता जा रहा है।
विपिन पाण्डे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “आबकारी महकमा पूरी तरह फेल साबित हुआ है। अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।”
करणी सेना युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र राणा ने भी मंच से कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि नशे के सौदागरों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।
धरने में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब और नशे की वजह से कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आबकारी विभाग और जिला प्रशासन मौन साधे हुए हैं। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के बीच नशे का कारोबार चलना प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण बताया गया।
मीना पाण्डे ने कहा कि “नशे के कारण महिलाओं का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा तो महिलाएं खुद मोर्चा संभालेंगी।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी भी इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं।
धरने में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई बन चुका है। साफ चेतावनी दी गई कि अगर जल्द ही अवैध शराब और नशे के कारोबार पर पूर्ण रोक नहीं लगी, तो जिला प्रशासन और आबकारी महकमे के खिलाफ बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।
धरने में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि व ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा—“अब भी समय है, सुधर जाइए… वरना जनता जवाब देना जानती है।”

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