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दर्पण न्यूज 24/7
संवाददाता : करन तिवारी, रामनगर
कॉर्बेट में ‘ऑपरेशन मानसून-2026’ का शुभारंभ, वन्यजीव सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
रामनगर। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढिकाला रेंज में आगामी मानसून सत्र को देखते हुए ‘ऑपरेशन मानसून-2026’ का शुभारंभ प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
वन विभाग के अनुसार मानसून के समय लगातार वर्षा, उफनती नदियां-नाले, घने वन क्षेत्र और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। इस दौरान कई वन्यजीव सुरक्षित आवासों की तलाश में अपने सामान्य विचरण क्षेत्र से बाहर निकलकर मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग द्वारा विशेष गश्त, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, त्वरित प्रतिक्रिया दलों की सक्रियता और स्थानीय समुदायों के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। कार्बेट की दक्षिणी सीमा पर स्थापित ई-सर्विलांस टावरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशिक्षित वनकर्मी नियमित रूप से इन टावरों की मॉनिटरिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
इसके अलावा 100 से अधिक चौकियों, एंटी-पोचिंग कैंपों, वॉच टावरों, कैमरा ट्रैप, जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तथा आधुनिक ई-सर्विलांस तकनीकों के माध्यम से वन एवं वन्यजीवों पर सतत नजर रखी जा रही है।
इस अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बढ़ोला ने बताया कि ऑपरेशन मानसून-2026 के तहत सभी संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभागीय संसाधनों को भी सुदृढ़ किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधन और वन संपदा राज्य की अमूल्य धरोहर हैं तथा इनका संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व विश्व के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल है, इसलिए यहां के वन और वन्यजीवों के संरक्षण की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
वन मंत्री ने कॉर्बेट के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि वे विषम परिस्थितियों में भी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, जो पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने भ्रमण के दौरान बाघ, हाथियों और चीतलों के झुंडों के दर्शन होने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा भविष्य में कॉर्बेट की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम में कॉर्बेट निदेशक डॉ. साकेत बढ़ोला, डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा, पार्क वार्डन बिंदर पाल, रेंजर उमेश चंद्र आर्या, वन दरोगा विनोद बिष्ट, धर्मपाल सिंह नेगी, महेश जोशी, वन आरक्षी कृष्ण चंद्र पंत सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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