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चितई मंदिर के पास बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की भिड़ंत, एक 50 मीटर खाई में गिरी – बढ़ती दुर्घटनाओं पर सरकार का ध्यान जरूरी।

दर्पण न्यूज 24*7

अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा–बाड़ेछीना मार्ग पर चितई मंदिर से लगभग दो किमी आगे कालीधार बैंड के पास सोमवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। तीखे मोड़ पर मारुति स्विफ्ट (यूके04 एई 0754) और मारुति के-10 (यूपी 32 डीके 6325) की जोरदार भिड़ंत में के-10 कार अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। टीमों ने खाई में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान मोहन सिंह नेगी (58) और राधिका नेगी (52) के रूप में हुई है। दोनों का उपचार अस्पताल में जारी है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने बताया कि सर्दियों में दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पुलिस द्वारा लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।


पहाड़ों में बढ़ती दुर्घटनाएँ: अब सरकार के ठोस कदम जरूरी

अल्मोड़ा सहित पूरे कुमाऊँ में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खराब सड़क स्थिति, तीखे मोड़, ओवरस्पीडिंग और वाहन चालकों की लापरवाही दुर्घटनाओं को आम बना रही है। ताज़ा हादसा एक बार फिर सरकार को गम्भीर हस्तक्षेप की ओर संकेत देता है। विशेषज्ञ बार–बार चेताते रहे हैं कि—

  • खतरनाक मोड़ों पर साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल उपाय बढ़ाए जाएं
  • सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य नियमित रूप से हो
  • पुलिस की स्पीड मॉनिटरिंग और चेकिंग बढ़ाई जाए
  • पहाड़ी क्षेत्रों के ड्राइवरों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए

वाहन चलाते समय सावधानी बेहद जरूरी

  • मोड़ों पर गति नियंत्रित रखें
  • सुरक्षित स्थान पर ही ओवरटेक करें
  • मोबाइल फोन का उपयोग न करें
  • वाहनों के बीच उचित दूरी रखें
  • यात्रा से पहले वाहन की जांच करें
  • सीट बेल्ट अवश्य पहनें
  • खराब मौसम में विशेष ध्यान रखें
  • थकान में वाहन न चलाएं

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा केवल चालक की नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। बेहतर सड़कें और कड़ाई से पालन होने वाले नियम ही दुर्घटनाओं पर रोक लगा सकते हैं।

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