








‘समाज ने हमें बहुत कुछ दिया, अब समाज को लौटाने की बारी’
गरीब, असहाय और जरूरतमंदों की फौरी मदद के लिए शुभम अंडोला द्वारा संचालित ‘हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट को डॉ. देवाशीष गुप्ता व डॉ. अदिति गुप्ता ने दिया ये बड़ा सहयोग।
हल्द्वानी।
जिंदगी में कई बार मुश्किलें ऐसी होती हैं, जहां मदद की जरूरत बड़ी नहीं, तुरंत होती है। किसी गरीब के सामने अचानक इलाज का खर्च आ जाए, किसी परिवार के घर राशन का संकट हो या कोई असहाय व्यक्ति मुसीबत में फंस जाए,ऐसे वक्त में मिलने वाली छोटी-सी मदद भी उसके लिए बहुत बड़ी उम्मीद बन जाती है।
इसी सोच को जमीन पर उतारने की पहल समाजसेवी शुभम अंडोला ने की है। गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों को संकट की घड़ी में फौरी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट’ की स्थापना की गई है। ट्रस्ट की इस सेवा मुहिम को अब समाज के संवेदनशील लोगों का भी साथ मिलने लगा है।
इसी कड़ी में हल्द्वानी के पुराने और प्रतिष्ठित एसके गुप्ता नर्सिंग होम के संचालक डॉ. देवाशीष गुप्ता एवं डॉ. अदिति गुप्ता ने ट्रस्ट के सेवा कार्यों के लिए कुल ₹34 हजार की सहयोग राशि प्रदान की है।
डॉ. देवाशीष गुप्ता ने पूरे वर्ष के लिए 2हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से 24 हजार की राशि एकमुश्त ट्रस्ट को दी, जबकि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अपने परिवार की ओर से ₹10 हजार की अतिरिक्त सहयोग राशि भी सेवा के लिए अर्पित की। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता, भोजन सेवा, गौसेवा अथवा ट्रस्ट द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले अन्य जनसेवा कार्यों में उपयोग की जाएगी।
ट्रस्ट की स्थापना के पीछे समाजसेवी शुभम अंडोला की सोच है कि जरूरतमंद व्यक्ति को मदद के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कई बार किसी परिवार के सामने ऐसी परिस्थिति अचानक खड़ी हो जाती है, जहां तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत होती है। ऐसे समय में यदि समाज का कोई व्यक्ति आगे बढ़कर उसका हाथ थाम ले तो वह परिवार बड़ी परेशानी से बच सकता है।
उन्होंने कहा कि हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि वास्तविक जरूरतमंदों तक उनकी जरूरत के अनुसार जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाए। ट्रस्ट गरीबों, असहायों और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहायता का भरोसेमंद माध्यम बनने की दिशा में काम करेगा।
डॉ. देवाशीष गुप्ता एवं डॉ. अदिति गुप्ता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए शुभम अंडोला ने कहा कि समाजसेवा किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है। जब समाज के सक्षम लोग अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आते हैं तो छोटी-छोटी मदद मिलकर किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
डॉ. गुप्ता ने भी सेवा भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत बताते हुए कहा कि समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है और अपनी क्षमता के अनुसार समाज को वापस देना हमारा सौभाग्य और दायित्व दोनों है।
यही सोच इस पहल को केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रखती, बल्कि समाज के लोगों को यह संदेश भी देती है कि जरूरतमंद की मदद करने के लिए बहुत बड़ा दान नहीं, बल्कि सही समय पर बढ़ाया गया संवेदनशील हाथ जरूरी है।
हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट की यह पहल इसी उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है कि संकट में घिरे किसी गरीब और असहाय व्यक्ति को मदद के लिए दर-दर न भटकना पड़े और समाज की सामूहिक संवेदनशीलता उसके साथ खड़ी नजर आए।
दर्पण न्यूज 24×7 | विशेष रिपोर्ट
