उत्तराखंड में पहली बार अंतरिक्ष की उड़ान: बी.एल.एम. अकैडमी से एस्ट्रो-पिको सैट का सफल प्रक्षेपण।
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता हल्द्वानी।
बी.एल.एम. अकैडमी ने विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड में पहली बार एस्ट्रो-पिको सैट (Astro-Pico Sat) का हीलियम बैलून के माध्यम से सफल प्रक्षेपण बी.एल.एम. अकैडमी परिसर में किया गया। यह न केवल राज्य का पहला ऐसा प्रयोग रहा, बल्कि एस्ट्रो-पिको सैट का पहला परीक्षण प्रक्षेपण भी था, जिसने इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रक्षेपण के दौरान विद्यार्थियों और दर्शकों को यह प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला कि उपग्रह कैसे प्रक्षेपित किए जाते हैं और पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में वैज्ञानिक प्रयोग किस प्रकार संपन्न होते हैं।
कार्यक्रम में बी.एल.एम. अकैडमी के साथ-साथ जीडी गोइंका, दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान को पुस्तकों और वीडियो से आगे बढ़कर सजीव अनुभव के रूप में महसूस किया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा एस्ट्रो पाठशाला को इस प्रक्षेपण की अनुमति देना विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस मिशन को सफल बनाने में एस्ट्रो वर्स (Astro Verse) के सह-संस्थापक शुभम कुमार, अजय और राहुल की अहम भूमिका रही, जबकि संस्था के सीटीओ रैपिंग थापा ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रहे 19 वर्षीय युवा तकनीकी विशेषज्ञ आकर्ष (Akarsh), जिनकी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता ने कम उम्र में ही इस मिशन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आज का युवा वैज्ञानिक नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
विद्यालय के प्रबंधक साकेत अग्रवाल ने मिशन की सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि बी.एल.एम. अकैडमी भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों को पूरा समर्थन देती रहेगी।
बी.एल.एम. परिवार ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
